प्रतीक चिन्ह लेते केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की क्लाइमेट जस्टिस की अवधारणा के साथ देश जलवायु परिवर्तन के मामले में विश्व की अगुवाई करेगा। क्लाइमेट जस्टिस नैतिक मूल्यों से जुड़ा मामला है। पर्यावरण से तालमेल बैठाना हमारे डीएनए में है।
वर्तमान में पूर्वजों के ज्ञान को ढंग से लागू करने की जरूरत है। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि हमारा देश विश्व को पर्यावरण संरक्षण का एक आदर्श मॉडल देगा। डॉ. हर्षवर्धन इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी के कार्यक्रम में शिरकत करने आए थे।
उन्होंने कहा कि केंद्र से जुड़े उत्तराखंड के पर्यावरणीय मुद्दों और इको सेंसिटिव जोन के मामलों पर केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय गंभीरता से विचार कर रहा है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बताए सभी मुद्दों पर मंत्रालयों के अफसरों ने काम शुरू कर दिया है।
उन्होंने उत्तराखंड से जुड़े इको सेंसिटिव जोन, ऑल वेदर रोड निर्माण में पेड़ों के कटान, नदियों में हो रहे अवैध खनन आदि मामलों पर सधे अंदाज में कहा कि सिद्धांतों के अनुरूप सारे कार्य किए जाएंगे।
पर्यावरण संरक्षण के लिए केंद्र सरकार प्रतिबद्ध है लेकिन विकास को भी अवरुद्ध नहीं होने दिया जाएगा। पर्यावरण संरक्षण और विकास दोनों के लिए बीच का रास्ता निकाला जाएगा। इसके बाद डॉ. हर्षवर्धन ने वन अनुसंधान की बोर्ड बैठक में आमजन के लिए उपयोगी शोधों पर काम करने के लिए प्रेरित किया।