प्रवास पर गए 60 परिवारों की वापसी के लिए नेपाल को फिर से भारत से अनुरोध करना पड़ा। रोटी-बेटी के रिश्ते बखूबी निभा रहे भारत ने भी दरियादिली दिखाते हुए बुधवार को नौ घंटे के लिए सीतापुल खुला रखा।
सुबह आठ बजे से पांच बजे तक खुले पुल से 60 परिवारों ने अपने मवेशियों और भेड़ बकरियों के साथ भारत में प्रवेश किया। अब ये परिवार 23 नवंबर को धारचूला पहुंचेंगे। इन परिवारों के लिए उस दिन भी झूला पुल खोला जाएगा।
माइग्रेशन पर तिंकर छांगरू गए नेपाली परिवारों के लिए बुधवार को सीतापुल खोला गया। इसके लिए दोनों देशों के प्रशासन की सहमति बनी थी। पुल खुलने के बाद 60 परिवार अपने मवेशियों के साथ भारत में आए हैं। अब इन परिवारों के लिए 23 नवंबर को धारचूला का झूलापुल सुबह आठ से शाम पांच बजे तक खुला रखा जाएगा। - अनिल कुमार शुक्ला, एसडीएम धारचूला
15 मिनट के लिए खोला गया धारचूला झूलापुल
धारचूला का झूलापुल बुधवार को सुबह 10.50 बजे से 11.05 बजे तक केवल 15 मिनट के लिए खोला गया। इस दौरान भारत से 57 लोग नेपाल गए और नेपाल से भारत 70 लोग आए। इस दौरान तहसील प्रशासन की ओर से एसडीएम के पेशकार खीमानंद भट्ट, उपनिरीक्षक हुकुम सिंह धामी, एसएसबी के निरीक्षक कश्मीर सिंह आदि मौजूद रहे। स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों ने सभी आवाजाही करने वाले लोगों की जांच की।