सख्त नकल विरोधी कानून लागू कर युवाओं के भविष्य को किया सुरक्षित
सीएम ने कहा, सरकार ने नकल माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। साथ ही नकल विरोधी कानून लागू कर युवाओं का भविष्य सुरक्षित किया गया है। नकल माफिया को जड़ से समाप्त करने को की गई पहल पूरे देश में एक नजीर बन गई है। स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने के लिए 200 करोड़ का वेंचर फंड तैयार किया जा रहा है।
मेधावियों को हर माह 600 से 1200 रुपये की छात्रवृत्ति
कहा, राज्य सरकार ने सरकारी और अशासकीय स्कूलों के 6 से 12वीं कक्षा के मेधावी छात्रों को हर महीने 600 से 1200 रुपये तक की छात्रवृत्ति देने का निर्णय लिया है। राज्य में सोलर पॉवर उत्पादन को प्रोत्साहित करने हेतु सरकार सौर ऊर्जा के प्रोजेक्ट लगाने वालों को बड़े पैमाने पर छूट तथा सुविधाएं दे रही है। नई सौर ऊर्जा नीति को लागू किया गया। 2027 तक प्रदेश में 2500 मेगावाट सोलर पॉवर का उत्पादन का लक्ष्य रखा गया।
पॉलीहाउस योजना के लिए 304 करोड़
कहा, राज्य में जैविक खेती व बागवानी की अपार संभावनाएं हैं। एप्पल मिशन में 500 सेब बगीचों को लगाने का लक्ष्य है। इसके लिए किसानों को 80 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। पॉलीहाउस योजना के लिए 304 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। प्रदेश में लगभग 18000 पॉलीहाउस बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे एक लाख से अधिक कृषकों को रोजगार मिलेगा। पॉलीहाउस बनाने के लिए 70 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी।
निवेश को बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन में बढ़ोतरी
सीएम ने कहा, 2025 तक उत्तराखंड को हर क्षेत्र में देश का सर्वश्रेष्ठ एवं अग्रणी राज्य बनाने का संकल्प है। सरकार ने औद्योगिक नीतियों में संशोधन कर निवेश प्रोत्साहन राशि में बढ़ोतरी की है। दिसंबर महीने में ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट आयोजित किया जा रहा है।
1.50 लाख करोड़ की योजनाओं पर हो रहा काम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड में 1.50 लाख करोड़ की योजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है। राज्य पर्यटन, एडवेंचर टूरिज्म हब, फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है। दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड तैयार होने से देहरादून जल्द ही दिल्ली एनसीआर का हिस्सा बन जाएगा। इससे प्रदेश में निवेश बढ़ने से रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। 1930 करोड़ लागत की परियोजना से टिहरी झील को टूरिस्ट डेस्टीनेशन बनाया जा रहा है।
केदारनाथ धाम में 750 करोड़ रुपये से पुनर्निर्माण कार्य, बदरीनाथ धाम में 550 करोड़ रुपये से मास्ट प्लान के कार्य, 2430 करोड़ लागत के गौरीकुंड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब रोपवे का शिलान्यास हो चुका है। 16 हजार 216 करोड़ रुपये की 125 किमी. लंबी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है।