स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी में तिरंगा फहराया। उन्होंने भराड़ीसैंण (गैरसैंण) विधानसभा में तिरंगा फहराया और वीर शहीदों को सलामी दी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने कई विभागीय योजनाओं का शिलान्यास किया। उन्होंने वृक्षारोपण कार्यक्रम में भी भाग लिया। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष भी उनके साथ मौजूद रहे।
पिथौरागढ़ आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण भी करेंगे
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का भराड़ीसैंण(गैरसैंण) विधानसभा में दो दिन कैंप करने का कार्यक्रम है। इस दौरान वे विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास भी किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने शनिवार को सुबह साढ़े आठ बजे स्वतंत्रता दिवस की 73वीं वर्षगांठ पर मुख्यमंत्री आवास में तिरंगा फहराया। इसके बाद भाजपा कार्यालय में तथा पुलिस लाइन में आयोजित समारोह में ध्वजारोहण कार्यक्रम में शिरकत की।
यहां से मुख्यमंत्री भराड़ीसैंण गैरसैंण कार्यक्रम में गए। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल के साथ ध्वजारोहण कार्यक्रम में भाग लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गैरसैंण का सुनियोजित विकास होगा। गैरसैंण के विकास के रोडमैप के लिए एक कमेटी का गठन होगा। गैरसेंण को ग्रीष्म कालीन राजधानी बनाना वक्त की जरूरत था। कोविड 19 में सरकार तेजी के साथ कार्य कर रही है। हेल्थ सिस्टम पहले के मुक़ाबले बेहतर हुआ है।
स्वतंत्रता दिवस पर गैरसैंण को करोड़ों की सौगात
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गैरसैंण के लिए घोषणा की। गैरसैंण में 50 बेड का जिला अस्पताल बनाया जाएगा। भराड़ीसैंण विधानसभा में मिनी सचिवालय की स्थापना की जाएगी। गैरसैंण में नेटवर्किंग का विस्तारिकरण कराया जाएगा। गैरसैंण में लोक निर्माण विभाग का निरीक्षण भवन 8 कमरों का बनेगा। गैरसैंण ब्लॉक में कोल्ड स्टोरेज एंव फूड प्रोसेसिंग प्लांट बनाया जाएगा। भराड़ीसैंण में ईको पार्क की स्थापना की जाएगी। राजकीय आईटीआई गैरसैंण का भवन निर्माण कराया जाएगा।
इसके बाद उन्होंने विभिन्न विभागीय योजनाओं के शिलान्यास किया। उन्होंने वृक्षारोपण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। अपराह्न 1:00 बजे कोविड केयर सेंटर भराड़ीसैण का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री रात्रि विश्राम मुख्यमंत्री आवास भराड़ीसैण में करेंगे।
अगले दिन वे सुबह आठ बजे गांव सारकोट, छानी-कोदियाबगड़, दूधातोली पैदल मार्ग से पेशावर कांड के नायक वीरचंद्र सिंह गढ़वाली जी की समाधि स्थल पर पहुंचेंगे और पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री जिला पिथौरागढ़ के आपदा प्रभावित क्षेत्र गलाती, कालिका, धारचूला, बरम का हवाई सर्वेक्षण कर बरम में आपदा प्रभावित राहत शिविरों का निरीक्षण करेंगे। वन विश्राम गृह पिथौरागढ़ में अपराह्न पांच बजे पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रात्रि विश्राम पिथौरागढ़ में ही करेंगे। मुख्यमंत्री सोमवार को सुबह 10 बजे देहरादून लौटने का कार्यक्रम है।