टीम ने मौके पर मौजूद सभी कर्मचारियों और अधिकारियों से मोबाइल जब्त कर लिए। मौके से टीडीएस एंट्री से जुड़े तमाम दस्तावेज जब्त किए गए हैं। अचानक आयकर विभाग की टीम को देखकर अधिकारियों के भी हाथ पांव फूल गए। सूत्रों के मुताबिक, वर्ष 2007-08 से लेकर आज तक की जांच में 16 लाख रुपये की डिमांड सामने आई थी। अब आयकर विभाग की टीम सभी दस्तावेज की जांच पड़ताल कर रही है।
पर्यटन विभाग के अधिकारियों के बयान भी दर्ज किए गए। अभिलेखों का कार्यालय के रिकॉर्ड से मिलान किया जाना अभी जारी रहेगा, जिनके परीक्षण के उपरांत ही पर्यटन विभाग द्वारा की गई टीडीएस की कटौती तय की जाएगी। गौरतलब है कि इससे पूर्व काशीपुर में भी सिंचाई विभाग में टीडीएस की गड़बड़ी पर आयकर विभाग ने सर्वेक्षण किया था। सर्वेक्षण में आयकर निरीक्षक संजीव सचदेवा, राकेश सिंह, मीना बिष्ट, देवेश्वरी पंवार, यतींद्र सिंह, धर्मेंद्र व रोविल सिंह भी शामिल रहे।