जानकारी के मुताबिक आयकर विभाग के अधिकारियों की टीम ने बुधवार को ही नैनीताल में डेरा डाल लिया था। हल्द्वानी से 30 गाड़ियां दो दिन के लिए किराए पर लीं गईं। बृहस्पतिवार की सुबह चार बजे 20 गाड़ियां हल्द्वानी कोतवाली पहुंचीं।
यहां से वह पुलिस टीम को लेकर नैनीताल गईं। नैनीताल से सुबह छह बजे पांच टीमें हल्द्वानी को निकलीं। एक टीम अल्मोड़ा को रवाना हुई। यह पूरी कार्यवाही इतनी गोपनीय रखी गई कि टीम के अधिकतर सदस्यों को भी यह अंदाजा नहीं था कि वे कहां-कहां छापा मारने के लिए जा रहे हैं।
पहले उन्हें काशीपुर में छापा मारने को कहा गया। इसके बाद टीम को नैनीताल रोड में रोका गया। इसमें से दो टीमों को रामनगर रोड से काशीपुर पहुंचने के निर्देश दिए गए। दो टीमों को रामपुर रोड के रास्ते में जाने को कहा गया। एक टीम तिकोनिया चौराहे में रोकी गई।
ठीक नौ बजे एक टीम सेंट्रल अस्पताल, दूसरी हिल्स व्यू कालोनी में संजय जुयाल के घर, तीसरी हिमालय फार्म स्थित सुरेंद्र भुटयानी के घर, चौथी कैनाल रोड स्थित रमेश शर्मा और पांचवीं टीम पालम सिटी स्थित गिरीश गुप्ता के आवास में पहुंची। टीम में शामिल सदस्यों ने यहां पहुंचते ही घरों के दरवाजे बंद कर दिए और परिवार के सभी लोगों के फोन ले लिए। देर रात तक परिवार के सदस्यों से पूछताछ की गई।