जनधन और वर्षों से साइलेंट पड़े खातों पर आयकर विभाग की नजर है। आयकर विभाग की टीम सोमवार को कुछ बैंकों में पहुंची और अधिकारियों से जनधन एवं साइलेंट खातों का विवरण मांगा।
नोटबंदी के बाद केंद्र सरकार ने जनधन के खातों में धनराशि जमा न कराने के लिए आगाह कर दिया था। जनधन खाते में एक वित्तीय वर्ष के भीतर एक लाख रुपए तक का लेनदेन हो सकता है जबकि 50 हजार से अधिक का बैलेंस नहीं होना चाहिए।
जनधन खातों में एक लाख रुपए से अधिक वाले खाते आयकर विभाग के रडार पर आ सकते हैं। साथ ही ऐसे खातों पर भी आयकर विभाग की नजर है, जो साइलेंट हैं। ऐसे खातों में अगर अधिक धनराशि जमा हो रही है या निकाली जा रही है तो जांच के दायरे में आ सकते हैं।