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घूस लेने के आरोपी आयकर अफसर को दस साल की सजा

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देहरादून। खटीमा में एक लाख रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथ पकड़े गए आयकर अधिकारी अमरीश कुमार सीबीआई की विशेष अदालत ने दस साल की कठोर सजा सुनाई है। सजा सुनते ही उनका चेहरा लटक गया। मामला 2015 का है। खटीमा में तैनात आईटीओ अमरीश कुमार एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़े गए थे। सोमवार को न्यायालय ने दोषी करार देते हुए सजा सुना दी। सीबीआई कोर्ट की विशेष न्यायाधीश सुजाता सिंह की अदालत ने दोषी को दस साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अलग-अलग धाराओं में 1.10 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। न्यायालय में मौजूद आरोपी को वारंट बनाकर जेल भेज दिया गया। सीबीआई के शासकीय अधिवक्ता अभिषेक अरोड़ा ने बताया कि नानकमत्ता, जिला ऊधमसिंहनगर निवासी कश्मीर सिंह वहां रामदास अस्पताल चलाते थे। वर्ष 2011 में उन्होंने अस्पताल राजेश छाबड़ा को बेच दिया। राजेश छाबड़ा की वर्ष 2013 में स्क्रूटनी हुई तो इस दौरान खटीमा में स्क्रूटनी देख रहे आईटीओ अमरीश कुमार निवासी डीएल रोड, देहरादून से कश्मीर सिंह को नोटिस जारी किया। वित्त वर्ष 2013 और 14 को लेकर यह नोटिस जारी किया गया। कश्मीर सिंह छह जनवरी 2015 को आरोपी के दफ्तर पहुंचे। आरोप है कि आयकर अधिकारी अमरीश ने पीड़ित से वहां दो लाख रुपये घूस की मांग की। इस दौरान तय किया कि एक लाख रुपये उसी महीने और शेष एक लाख अगले महीने देने होंगे। पीड़ित कश्मीर सिंह ने आठ जनवरी को इसकी शिकायत सीबीआई में कर दी। सीबीआई ने 13 जनवरी को एक लाख रुपये रिश्वत लेते हुए आयकर अधिकारी अमरीश को रंगे हाथ ट्रैप कर लिया। सीबीआई ने जांच के बाद 12 मार्च 2015 को न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की। सीबीआई की विशेष न्यायाधीश सुजाता सिंह की अदालत ने अमरीश को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा सात और 13 के तहत दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। दोषी को धारा सात के तहत सात साल की सजा और दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वहीं धारा 13 के तहत दस वर्ष की सजा और एक लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है। सजा सुनाए जाते ही दोषी भावुक हो गया। उसके चेहर के हावभाव उड़ गए।   
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