उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले में जमीनों के मामलों से लेकर एनएच-74 के निर्माण में हुए घालमेल में अब ऊधमसिंह नगर में तैनात रहे कई आईएएस, पीसीएस और तहसील स्तर के अफसरों पर बड़े घोटालों की गाज गिरना तय माना जा रहा है।
इसमें खास बात यह है कि कुमाऊं कमिश्नर डी सेंथिल पांडियन ने जहां पिछले दो माह से एनएच निर्माण में हुए गोलमाल पर अपनी निगाहें पैनी कर दी थीं, वहीं अब इनकम टैक्स के रडार पर ऊधमसिंह नगर के कई अधिकारी आ गए हैं। बताया जा रहा है कि एनएच चौड़ीकरण के निर्माण से लेकर अब तक के निर्माण की पूरी कुंडली खंगाली जा रही है।
एक मार्च को कुमाऊं कमिश्नर ने मीडिया के सामने स्पष्ट कर दिया था, कि एनएच चौड़ीकरण में जिला प्रशासन के कई अधिकारियों ने 118 करोड़ रुपए से अधिक का घोटाला किया है। कमिश्नर के सीधे तौर पर यूएस नगर के अफसरों पर उठाए गए सवालों ने जहां सभी को चौंका दिया था। वहीं उन्होंने अपने एक मार्च के दौरे में तमाम खामियां और गोलमाल भी पाया था, इसके बाद से ही ऊधमसिंह नगर के अफसरों पर भी इनकम टैक्स ने अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया था।
यही कारण है कि इस मामले में यूपी और उत्तराखंड के इनकम टैक्स के डीजी आशु जैन ने दो दिन पूर्व ही ऊधमसिंह नगर में बड़ी कार्रवाई के लिए 22 टीमों का गठन किया और इसमें स्थानीय स्तर पर किसी भी अधिकारी को शामिल नहीं किया गया। बड़े ही गुपचुप तरीके से बुधवार सुबह हुई ताबड़तोड़ कार्रवाई से जहां पूरे ऊधमसिंह नगर जिले के अफसरों से लेकर राजधानी देहरादून में बैठे अफसरों में खलबली मच गई वहीं कॉलोनाइजरों के भी होश उड़ गए।
बता दें कि जसपुर से लेकर सितारगंज तक एनएच-74 के चौड़ीकरण का कार्य पांच मार्च 2014 से शुरू किया गया। इसमें सितारगंज से लेकर खटीमा तक एनएच 125 का भी निर्माण इसी समय अवधि में आरंभ हुआ। एनएच चौड़ीकरण का निर्माण गल्फार कंपनी को दिया गया। इसके निर्माण शुरू होने और उससे पूर्व किए गए जमीनों के सर्वे के दौरान से ही यूएस नगर में तैनात रहे अधिकारियों पर कई बार गोलमाल के भी आरोप लगते रहे।
बार-बार मामला उठता और दबता रहा। इसके बाद जब मुआवजे का वितरण किया जाने लगा तो उस दौरान भी मुआवजे में भी बड़ा खेल सांठगांठ से खेला गया। एनएच चौड़ीकरण के निर्माण में जब ऊधमसिंह नगर के अफसरों पर बार-बार सवाल खड़े होने लगे तो फिर कई लोगों ने अपने मुआवजे के लिए भी खुलकर विरोध के स्वर उठाए।
ऊधमसिंह नगर में जमीनों के मामलों में जिला प्रशासन के कई अधिकारियों ने अपने अधिकार क्षेत्र का भारी दुरुपयोग किया है। एनएच चौड़ीकरण में भी कई खामियां जिला प्रशासन स्तर के अफसरों के सामने आई हैं। इसमें अभी भी जांच की जा रही है, जो भी अधिकारी सरकारी भूमि के मामले में दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
- डी. सेंथिल पांडियन, कुमाऊं कमिश्नर
घालमेल में एनएचएआई के अफसरों का भी नपना तय
जसपुर से लेकर खटीमा तक एनएच चौड़ीकरण में किए गए घालमेल में आयकर विभाग और कुमाऊं कमिश्नर के निशाने पर एनएचएआई के कई अफसरों की भी गर्दन फंसती नजर आ रही है। इसमें जसपुर के एक व्यक्ति द्वारा हाइकोर्ट में डाली गई पीआईएल में तो सीधे तौर पर ऊधमसिंह नगर के जिला प्रशासन से लेकर एनएचएआई को भी घोटाले का आरोपी बनाया गया है। हाइकोर्ट में डाली गई पीआईएल के बाद इस मामले को कुमाऊं कमिश्नर ने गंभीरता से लिया है।
इनकम टैक्स की छापेमारी से कलक्ट्रेट में चर्चाएं तेज
ऊधमसिंह नगर और नैनीताल के विशेष भूमि अध्यापित अधिकारी डीपी सिंह के सरकारी आवास पर हुई आयकर विभाग की छापेमारी के बाद से दिनभर कलक्ट्रेट में चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। वहीं सरकारी दफ्तरों में कर्मचारी और अधिकारियों के बीच आयकर विभाग की कार्रवाई पर ही आपस में बहस होती रही। दोपहर तक कलक्ट्रेट से कई अधिकारी भी नदारद रहे।
मतगणना के ठीक तीन दिन पहले यूएस नगर में बड़ी कार्रवाई
विधानसभा चुनाव के मतगणना से ठीक तीन दिन पहले ऊधमसिंह नगर में आयकर विभाग की ताबड़तोड़ छापेमारी की बड़ी कार्रवाई भी कई बड़े सवाल खड़े कर रही है। राजनीतिक जानकारों में बुधवार को ऊधमसिंह नगर में हुई आयकर विभाग की कार्रवाई पर कई चर्चाएं चलने लगी हैं। इसमें यह भी माना जा रहा है कि वर्तमान में केंद्र में भाजपा की सरकार है और 11 मार्च को उत्तराखंड सहित पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव की मतगणना शुरू होनी है। ऐसे में मतगणना से ठीक तीन दिन पहले एकाएक ऊधमसिंह नगर में बड़े अफसरों के सरकारी आवासों और कॉलोनाइजरों के बंगलों पर आयकर विभाग की छापेमारी के राजनीतिक मायने भी माने जा रहे हैं।