माय सिटी रिपोर्टर देहरादून कोरोना वायरस के चलते देशभर में लागू लॉक डाउन के बीच वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मुसीबत दोगुना बढ़ गई है विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को फायर सीजन शुरू होने के साथ ही जंगलों को आग से बचाने के साथ ही लाक डाउन के बीच वन्यजीवो के आबादी क्षेत्र में दाखिल होने की घटनाओं का भी सामना करना पड़ रहा है । आला विभागीय अधिकारियों के निर्देश पर विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों की टीमें दिन-रात जंगलों में गश्त कर रही हैं ,ताकि जंगलों में आग लगते ही तत्काल उस पर काबू पाया जा सके। साथ ही लाक डाउन के बीच आबादी क्षेत्र में आए दिन दाखिल हो रहे हाथी , तेंदुआ जैसे जानवरों को भी रोका जा सके। प्रभागीय वनाधिकारी राजीव धीमान ने बताया कि इन दिनों विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों के सामने दोहरी चुनौती है । उन्हें जंगलों को आग से बचाने के साथ ही लॉक डाउन के बीच आबादी क्षेत्र में भी दाखिल हो रहे वन्यजीवों को भी रोकना है। कारण कि हाथी, तेंदुआ, सांभर, हिरण जैसे जानवर आबादी क्षेत्र में दाखिल हो रहे हैं । सुकून देने वाली बात यह है कि अभी तक इन जानवरों ने आबादी क्षेत्र में दाखिल होने के बाद कोई नुकसान नहीं किया है ।लेकिन फिर भी इनके हमले का तो खतरा बना ही रहता है ।ऐसे में संवेदनशील इलाकों में 24 घंटे निगरानी की जा रही है। उन तमाम इलाकों पर पैनी नजर रखी जा रही है जहां से हाथी, तेंदुआ समेत अन्य जानवर निकलकर आबादी क्षेत्र में दाखिल होने की कोशिश करते हैं। हाथी और तेंदुआ समेत कई जानवरों को विभागीय कर्मचारियों द्वारा जंगल की ओर खदेड़ा भी जा चुका है।