उल्लेखनीय है कि रायपुर ब्लाक के 27 गांवों को नगर के निगम में शामिल किए जाने के बाद ब्लाक प्रमुख का पद खाली हो गया था। ये ब्लाक भाजपा दबदबे वाले मसूरी और रायपुर विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा है।
दोनों ही विधानसभाओं में गणेश जोशी और उमेश शर्मा काऊ भाजपा के विधायक हैं। रायपुर ब्लाक में महज 13 क्षेत्र पंचायत सदस्य ही बचे हैं। ब्लाक प्रमुख का गांव नगर निकाय में शामिल होने की वजह से उनकी बीडीसी सदस्यता खत्म हो गई थी, जिस कारण वह ब्लाक प्रमुख पद के लिए भी अयोग्य हो गए थे।
नए ब्लाक प्रमुख के चुनाव मेें भाजपा समर्थित संगीता सोलंकी व कांग्रेस समर्थित प्रमिला देवी समेत तीन प्रत्याशियों ने नामांकन किया था। ऐन मौके पर तीसरे प्रत्याशी ने नाम वापस ले लिया। ऐसे में चुनावी मुकाबला संगीता सोलंकी और प्रमिला देवी के बीच रहा। उप जिला निर्वाचन अधिकारी व जिला विकास अधिकारी प्रदीप कुमार पांडेय की मौजूदगी में सोमवार को मतदान कराया गया।
मतदान के तत्काल बाद मतगणना कराई गई। जिसमें कुल 13 बीडीसी सदस्यों में से 12 ने कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी प्रमिला देवी के पक्ष में मतदान किया। जबकि भाजपा समर्थित प्रत्याशी संगीता सोलंकी खुद का भी मतदान करने नहीं पहुंचीं। ऐसे में उन्हें एक भी मत नहीं मिला।
कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी प्रमिला देवी ने एकतरफा जीत हासिल की। विजयी प्रत्याशी प्रमिला देवी का कहना है कि क्षेत्र के विकास के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे। संगीता सोलंकी से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, उनसे संपर्क नहीं हो सका। जब भी उनका पक्ष प्राप्त होगा, प्रकाशित किया जाएगा।
भाजपा वाले झूठ बोलते हैं। मैं कांग्रेस के समर्थन से चुनाव जीती हूं।
- प्रमिला रावत, नव निर्वाचित प्रमुख, क्षेत्र पंचायत, रायपुर
रायपुर ब्लाक में प्रमिला कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी थीं। भाजपा समर्थित संगीता सोलंकी खुद अपना वोट देने तक नहीं आई। इससे साबित हो गया कि भाजपा का जनाधार किस कदर गिर गया। ये भाजपा विधायक गणेश जोशी और उमेश काऊ की भी हार है।
- गरिमा दसौनी, प्रदेश प्रवक्ता, कांग्रेस
मैं हैदराबाद में हूं। वहां कोई इलेक्शन था क्या? क्षेत्र पंचायत में हमारा तो विधानसभा क्षेत्र ही नहीं आता है। रायपुर क्षेत्र पंचायत, मसूरी और डोईवाला विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा है।
- उमेश शर्मा काऊ, भाजपा विधायक, रायपुर
कौन कहता है कि प्रमिला कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी है। वो हमारे कार्यकर्ता की पत्नी हैं। मसूरी से छह भाजपा समर्थित सदस्यों और रायपुर से दो सदस्यों ने प्रमिला को वोट दिया। कांग्रेस का दावा पूरी तरह से गलत है।
- गणेश जोशी, भाजपा विधायक, मसूरी
बागेश्वर में कपकोट निकाय चुनाव, कांडे कन्याल जिला पंचायत उपचुनाव के बाद अब बागेश्वर ब्लाक प्रमुख उपचुनाव जीत कर कांग्रेस ने हैट्रिक लगाई है। कांग्रेस अब इन जीतों को लोक सभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन से भी जोड़ कर देख रही है। उधर, भाजपा इसे धनबल की जीत बता रही है।
सोमवार को ब्लाक प्रमुख उपचुनाव में 13 मतों के बड़े अंतर से कांग्रेस ने जीत हासिल की। कांग्रेस ने नगर पंचायत कपकोट सहित जिला पंचायत कांडे कन्याल और ब्लाक प्रमुख बागेश्वर के उपचुनाव को प्रतिष्ठा से जोड़ते हुए सामूहिक प्रयास किया था। बागेश्वर ब्लाक प्रमुख का पद पूर्व में भी कांग्रेस के पास ही था। उस समय कांग्रेस की रेखा खेतवाल ने भी बड़े अंतर से चुनाव जीता था। निकाय चुनाव में विस्तार के कारण रेखा खेतवाल को इस्तीफा देना पड़ा था।
लगातार तीन जीत से स्पष्ट है कि जनता का रुझान अब कांग्रेस की तरफ है। भाजपा के कुशासन से जनता परेशान हो गई है। कपकोट, कांडा के बाद बागेश्वर ब्लाक प्रमुख में भी जीत दर्शाती है कि भाजपा के बुरे दिनों की शुरूआत हो गई है।
- ललित फर्स्वाण, पूर्व विधायक कपकोट
कांग्रेस ने इन तीनों चुनावों में धनबल व बाहुबल का इस्तेमाल कर चुनाव जीता है। यह कांग्रेस की नहीं बल्कि धनबल की जीत है। कांग्रेस ने चुनाव को प्रभावित किया है। भाजपा जल्द ही डीएम से मिलकर इसकी शिकायत करेगी।
- शेर सिंह गढ़िया, जिलाध्यक्ष भाजपा