देश दुनिया में फैले कोरोना वायरस संकट के बीच गरीब तबके के मजदूरों को पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांगों को लेकर जनवादी संगठनों के संयुक्त आह्वान पर सीटू पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को प्रदर्शन किया ।
प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने लाक डाउन के चलते सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखा और अपने घरों की छतों घर के सामने खड़े हो कर हाथ में तख्ती और पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। सीटू के पदाधिकारियों कार्यकर्ताओं ने नालापानी रोड, रायपुर रोड, वाणी बिहार, कावली रोड, बल्लीवाला, राजपुर, पटेलनगर समेत राजधानी के तमाम इलाकों में अपने अपने घरों के सामने खड़े होकर प्रदर्शन किया।
इस दौरान सीटू पदाधिकारियों कार्यकर्ताओं ने सरकार से मांग किया कि कोरोना वायरस के चलते लागू लॉक डाउन के बीच केंद्र सरकार जरूरतमंदों को निशुल्क अनाज मुहैया कराए। कारण ये है कि देश के गोदामों में अनाज की कोई कमी नहीं है। सीटू के प्रांतीय सचिव लेखराज ने कहा कि गैर आयकरदाता परिवारों को केंद्र सरकार को तत्काल 7500 रुपये की आर्थिक सहायता मुहैया करानी चाहिए। कहा कि कोरोना महामारी के चलते दुनिया के तमाम देश आर्थिक पैकेज की घोषणा कर रहे हैं । भारत में भी 1.70 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज की घोषणा की गई है लेकिन देश की आबादी को देखते हुए यह बहुत कम है ।
ऐसे में सरकार को और बड़े आर्थिक पैकेज की घोषणा करनी चाहिए। सीटू पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह वर्तमान हालात में आर्थिक पैकेज जारी करने में कंजूसी दिखा रही है। मांग उठाई कि लाकडाउन के बीच जो मजदूर देश के विभिन्न इलाकों में फंसे हैं उनके घरों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाए । साथ ही काम हो या ना हो सभी पंजीकृत मजदूरों को मनरेगा के तहत मजदूरी मुहैया कराई जाए। प्रदर्शन में सीटों के अध्यक्ष वीरेंद्र भंडारी, कार्यकारी अध्यक्ष राजेंद्र सिंह नेगी , जिला महामंत्री लेखराज , कृष्ण कुनियाल, किसान सभा के प्रांतीय अध्यक्ष प्रेम सिंह सजवान, शिवप्रसाद देवली, अनंत ,आकाश ,राजेंद्र पुरोहित , कमरुद्दीन, सुरेश थापा ,दमयंती नेगी , इंदु नौडियाल, मोनिका , माला गुरुंग, भगवान दयाल, अतुल , दिनेश तोमर , मामचंद, संगीत नैथानी, अनीता रावत , शिवा दुबे समेत तमाम पदाधिकारियों कार्यकर्ताओं ने अपने घरों की छतों पर खड़े होकर प्रदर्शन किया।