बिकी हुई प्लास्टिक खरीदने के लिए केंद्र नहीं खोलने पर कंपनियों, स्टाकिस्टों और वितरकों को कम से कम तीन महीने कैद और दो लाख रुपये जुर्माना लगेगा।
रविवार को कैबिनेट की बैठक में प्लास्टिक कैरी बैग और बोतलों के बाई बैक के संबंध में हुए फैसले पर एक्ट का ड्राफ्ट तैयार हो गया है। मंगलवार को इसे शासन में जमा कर दिया गया। प्लास्टिक कैरीबैग और बोतलों के बाई बैक के संबंध में शासन ने एक्ट बनाने की जिम्मेदारी उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दी थी।
बोर्ड ने एक दिन के अंदर एक्ट का ड्राफ्ट तैयार करके शासन को सौंप दिया है। अब बिकी हुई प्लास्टिक को दोबारा खरीदने में ना-नुकुर करने पर प्लास्टिक कंपनियों, स्टाकिस्टों और वितरकों के खिलाफ कार्रवाई का रास्ता बन गया है। इसके अलावा 60 माइक्रान से कम पॉलीथिन बैग बेचने वालों के खिलाफ भी जुर्माना राशि तय कर दी गई है।
इन पर अधिकतम पांच हजार रुपये जुर्माना का प्रावधान किया गया है। एक्ट का ड्राफ्ट जमा होने के बाद शासन में अगली प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस्तेमाल किए हुए प्लास्टिक के कैरीबैग और बोतलें खरीदे जाने की दरें राज्य सरकार तय करेगी।