फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bipin Rawat: सीडीएस की मौत से आईएमए स्तब्ध, पासिंग आउट परेड पर असमंजस, गुरुवार को होगा फैसला

Wed, 08 Dec 2021 10:00 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

तमिलनाडु के कुन्नूर में हुए हेलीकाप्टर हादसे में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत की आकस्मिक मौत होने की खबर से दून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) प्रबंधन भी स्तब्ध है।
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हेलीकाॅप्टर हादसे में सीडीएस जनरल बिपिन रावत की मौत के बाद आईएमए में 11 दिसंबर को होने वाली पासिंग आउट परेड को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। अकादमी प्रबंधन ने गुरुवार को आयोजित होने वाली कमांडेंट परेड (अंतिम रिहर्सल परेड) को रद्द कर दिया है।

विज्ञापन


अकादमी की जनसंपर्क अधिकारी कर्नल हिमानी पंत ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पीओपी के संदर्भ में अग्रिम निर्णय विचार-विमर्श व आर्मी हेडक्वार्टर से मिलने वाले निर्देश पर बृहस्पतिवार दोपहर बाद लिया जाएगा। बता दें कि इससे पहले गत दिवस अकादमी में डिप्टी कमांडेंट परेड आयोजित हुई थी और बुधवार सुबह को अवार्ड सेरेमनी हुई।

सीडीएस को 11 दिसंबर को आना था पीओपी में

तमिलनाडु के कुन्नूर में हुए हेलीकाप्टर हादसे में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत की आकस्मिक मौत होने की खबर से दून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) प्रबंधन भी स्तब्ध है। आईएमए में 11 दिसंबर को पासिंग आउट परेड में इस बार राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ सीडीएस बिपिन रावत को भी शिरकत करनी थी। 

Bipin Rawat: पौधों के रूप में हमेशा लोगों के बीच रहेंगे बिपिन रावत, उनकी पहल पर उत्तराखंड में लगे थे दस हजार पौधे 

विज्ञापन


भारत-पाक के बीच वर्ष 1971 में हुए युद्ध में भारतीय सश  सेनाओं की जीत के पचास साल पूरे होने (स्वर्णिम विजय वर्ष) के उपलक्ष में आयोजित होने वाली परेड की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। लेकिन, बुधवार दोपहर सीडीएस जनरल रावत की मौत की खबर आने से सब कुछ जहां का तहां रुक गया। अब पासिंग आउट परेड होगी या नहीं, इस पर गुरुवार को फैसला होगा। 

बतौर सेना प्रमुख जनरल रावत इससे पहले 10 जून 2017 को आयोजित हुए पासिंग आउट परेड में बतौर निरीक्षण अधिकारी पहुंचे थे। तब अकादमी से भारतीय थलसेना को 423 और मित्र देशों को 67 युवा सैन्य अधिकारी मिले थे। जनरल रावत ने अपने दस मिनट के संबोधन में इन युवा अफसरों को देश रक्षा का गुरुमंत्र दिया था। पीओपी के बाद मीडियाकर्मियों से भी उन्होंने खुलकर बात की थी।
विज्ञापन


बताया था कि भारतीय सेना में किस तरह महिलाओं को ‘लड़ाकू’ की भूमिका में तैनात करने का खाका तैयार किया जा रहा है। यह जनरल रावत की ही पहल रही कि अब थलसेना में भी महिला को जनरल ड्यूटी में भर्ती किया जा रहा है। पहले चरण में महिला को सेना पुलिस में तैनाती दी जा रही है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें