देश की रक्षा के लिए सेना में सेवाएं देने में उत्तराखंड के युवाओं का जज्बा देश के कई बड़े राज्यों से कहीं आगे है। युवाओं में सेना के प्रति आकर्षण के साथ ही सदियों से चली आ रही परंपरा आज भी कायम है। महज सवा करोड़ आबादी वाले पर्वतीय राज्य उत्तराखंड से इस बार 33 अफसर सेना में शामिल होंगे।
जबकि, 20 करोड़ से ज्यादा की आबादी वाले सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश से अफसरों की संख्या 72 है। इस लिहाज से उत्तर प्रदेश उत्तराखंड से आबादी के हिसाब से तो 20 गुना बड़ा है, लेकिन अफसर केवल दोगुने ही दे पा रहा है।
शनिवार को होने वाली आईएमए की पासिंग आउट परेड में भारतीय सेना को 382 अफसर मिलने जा रहे हैं। राज्यों को आबादी के हिसाब से अगर कैडेट्स का अनुपात निकाला जाए तो उत्तराखंड नंबर एक पर है।
उत्तराखंड के साथ-साथ कम आबादी वाले हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और पंजाब की उपस्थिति बेहद मजबूत है। बड़े राज्यों महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु से भी उत्तराखंड के अफसरों की संख्या ज्यादा है। पासिंग आउट परेड में 337 नियमित कोर्स (आर्मी कैडेट कॉलेज, एनडीए और सीडीएस) और 45 कैडेट्स टेक्निकल एंट्री कोर्स के शामिल हैं।