भारतीय सैन्य अकादमी से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर निकाले गए ग्रुप सी के कर्मचारियों के बदले अब नए सिरे से भर्ती की जा रही है।
अकादमी ने ग्रुप सी के 26 पद शुक्रवार को भर्ती विज्ञापन जारी किया है। दस्तावेजों में फर्जी वाड़े के बाद आईएमए ने विज्ञापन में चयन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने का आश्वासन देते हुए नसीहत दी है कि आईएमए में नौकरी दिलवाने के लिए गैर कानूनी रुप से प्रोत्साहन दे सकते हैं, जिनके संपर्क में आने से बचें।
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50 से अधिक के दस्तावेज फर्जी
आईएमए में 2012 में ग्रुप सी के स्टेनोग्राफर, ड्राफ्ट्समैन, एलडीसी, एमटी ड्राइवर, कुक विशेष, सफाईवाले, वेटर, जीसी अर्दली, ग्राउंडमैन, मेसेंजर आदि के लगभग डेढ़ सौ पदों पर हुई नियुक्तियों में अभी तक 50 से अधिक के दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं, जिसमें 36 पर कार्यवाही की गई है।
माना जा रहा है कि फर्जीवाड़े से नौकरी में लगे कर्मचारियों की संख्या कुल नियुक्तियों के पचास फीसदी पहुंच जाएगी। जिन कर्मचारियों के दस्तावेज फर्जी मिल रहे हैं उन्हें आईएमए चुपचाप बर्खास्त कर रहा है।
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ऐसे में कर्मचारियों की संख्या घटने से अब नए सिरे से भर्ती की जा रही है। फिलहाल अकादमी ने 26 पद विज्ञाप्ति किये हैं लेकिन इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी। अकादमी ने स्पष्ट किया है कि कमांडेंट आईएमए रिक्त पदों की संख्या बदलने का अधिकार है।
बर्खास्तगी शुरू पर एफआईआर नहीं
आईएमए ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल करने वाले प्रोबेशनर कर्मचारियों की बर्खास्तगी तो शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक किसी मामले में एफआईआर दर्ज नहीं करवाई है। अकादमी ने दस्तावेजों की वेरिफिकेशन प्रोबेशन अवधि पूरी करने से पहले कुछ माह पहले पूरी की है, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
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सरकारी महकमों में सिविल कर्मचारियों की नियुक्ति के तुरंत बाद उनके दस्तावेजों की जांच करवाई जाती है। हालांकि अकादमी प्रवक्ता का कहना है कि जाली दस्तावेजों की पुष्टि कई राज्यों से आ रही है, जिसमें आयु, शैक्षणिक योग्यता, अनुभव प्रमाण पत्र आदि शामिल हैं। सभी कर्मचारियों की दस्तावेज जांच जल्द पूरी हो जाएगी तभी फर्जी दस्तावेजों की संयुक्त एफआईआर करवाई जाएगी।