मुख्यमंत्री को पत्र लिखा
रामनगर में 1948 में भूमि बंदोबस्त हुआ। किसी ने एक ट्रस्ट बनाकर यह जमीन उसके नाम कर दी। कुछ स्थानों पर जमीन का सीमांकन भी नहीं हो पाया है। देहरादून के डोभालवाला की जमीन के सीमांकन के लिए कई बार डीएम को लिखा, लेकिन सहयोग नहीं मिला। रामनगर में 26 नाली जमीन में मंदिर है। इसके लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा गया है कि इसका प्रबंधन हमारे हाथ में दिया जाए। सरकार के साथ इसकी प्रक्रिया चल रही है।
यह है जमीन की स्थिति
महाराष्ट्र के मुरादनगर में 17 एकड़ भूमि है। इस भूमि पर एक परिवार का कब्जा है। इसके अलावा लखनऊ में 11020 वर्ग फीट पर जर्जर भवन है। इस संपत्ति से लगभग आठ सौ रुपये किराया मिल रहा है। उत्तराखंड के रामनगर में भूमि बंदोबस्त से पहले 42 बीघा जमीन श्री बदरीनाथ के नाम दर्ज थी। जिस पर लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया है। देहरादून के खुडबुडा मोहल्ले में 72 मुट्ठी, कारगी में एक बीघा और कैनाल रोड में कुछ भूमि है। जिला प्रशासन देहरादून की ओर से इन भूमि के सत्यापन की कार्रवाई की जानी है जो लंबित है।
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न मुआवजा मिला, न ही भूमि
देहरादून। श्री बदरीनाथ धाम में 112 नाली जमीन पर मंदिर, मकान व यात्री विश्राम गृह बना हुआ है। अन्य भूमि बंजर और खाली है। जिसका सीमांकन किया जाना है। श्री बदरी केदार मंदिर समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि बदरीनाथ में मास्टर प्लान के तहत भूमि का अधिग्रहण व भवनों को तोड़ा जा रहा है, लेकिन अन्य प्रभावितों की तरह मंदिर समिति को न तो मुआवजा दिया गया है न ही निर्माण के लिए अन्यत्र भूमि उपलब्ध कराई गई है।