शीशमबाड़ा कूड़ा निस्तारण प्लांट में बने कूड़े के पहाड़ को खत्म करने के लिए नगर निगम आईआईटी रुड़की की मदद लेगा। जल्द ही आईआईटी की टीम प्लांट का दौरा कर कूड़े का आकलन करेगी और निस्तारण के लिए सुझाव देगी।
शीशमबाड़ा में कूड़े का पहाड़ लगातार चुनौती बनता जा रहा है। खत्म होने की बजाय यह बढ़ता जा रहा है। पूर्व में रैमकी कंपनी को यहां कूड़ा निस्तारण का जिम्मा सौंपा गया था। लेकिन, कंपनी निस्तारण करने के बजाय कूड़ा एकत्रित करती रही। इससे यहां कूड़े का पहाड़ खड़ा हो गया जो आसपास की करीब 50 हजार की आबादी के लिए नासूर बन गया है। नगर निगम ने कूड़े के पहाड़ को खत्म करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा थे। इसके बाद शासन ने प्लांट में कूड़े का आकलन कराने के निर्देश निगम को दिए हैं। इसी कड़ी में नगर निगम ने आईआईटी रुड़की के वैज्ञानिकों से संपर्क कर कूड़े निस्तारण के लिए सुझाव मांगे हैं। नगर आयुक्त मनुज गोयल ने कहा, एक सप्ताह के अंदर आईआईटी रुड़की की टीम शीशमबाड़ा प्लांट का निरीक्षण करेगी। उसके सुझाव के बाद कूड़े के पहाड़ को खत्म करने के लिए उचित कार्ययोजना तैयार की जाएगी।