सौर ऊर्जा से संचालित साइकिल से देशभर के विभिन्न राज्यों में 7700 किलोमीटर की दूरी तय करने का लक्ष्य लेकर आईआईटी बांबे के छात्रों का दल बुधवार को रुड़की पहुंचा। इन छात्रों का उद्देश्य लोगों को सौर ऊर्जा के प्रति जागरूक करना है।
आईआईटी बांबे से पास आउट छात्र सुशील रेड्डी और कुरणाल के साथ आईआईटी बांबे में फाइनल ईयर के छात्र राजेंद्र भास्कर ने आठ मई- 2016 से बांबे से साइकिल की यात्रा शुरू की है। टेक्निकल सपोर्ट के लिए हिमांशु को साथ में लेकर चले इन चार युवकों के ग्रुप ने गुजरात, राजस्थान, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, ऋषिकेश और उसके बाद रुड़की तक की 4200 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर ली है।
रुड़की से युवक दिल्ली, आगरा, इंदौर होते हुए 7700 किलोमीटर की दूरी पूरी कर वापस बांबे जाएंगे। दल की इस मुहिम से जुड़ चुके आईआईटी रुड़की के पूर्व छात्र वसीम अकरम ने बताया कि इस मुहिम का उद्देश्य लोगों को सौर ऊर्जा के प्रति जागरूक करना है।
दल में शामिल सुशील रेड्डी आईआईटी से पासआउट होने के बाद एक सौर ऊर्जा कंपनी को अपनी सेवाएं दे रहे हैं। कंपनी में काम करते हुए उन्हें इस तरह की मुहिम शुरू करने का आइडिया आया है। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान यह दल विभिन्न संस्थानों में व्याख्यान के जरिए छात्रों को सौर ऊर्जा के बारे में जानकारी दे रहा है।
साइकिल में लगा है 240 वाट का सोलर पैनल
20 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से चलने वाली सौर ऊर्जा से संचालित इलेक्ट्रिक साइकिल 240 वाट के सौर ऊर्जा पैनल लगाए गए हैं। 250 वाट की रियर हब मोटर लगी है। साथ ही 48 वोल्ट की लीथियम आयन बैटरी लगाई गई है। यह साइकिल पैडल और मोटर दोनों से संचालित है।
Published By : Nirmala Suyal