नीति आयोग की तर्ज पर प्रदेश सरकार ने पहली बार सीएम यंग फेलो योजना लागू की है। इस योजना के लिए नीति बनाई गई। नीति के तहत लोक प्रशासन, प्रबंधन, सूचना प्रौद्योगिकी व अन्य क्षेत्रों के पेशेवर युवाओं को सरकारी तंत्र से जोड़ा जाना है। योजना का मुख्य ध्येय सरकार के काम करने के पारंपरिक तौर तरीकों में नई तकनीक और नई सोच का सामंजस्य बैठाना है।
ये है जुड़ने की मुख्य वजह
पेशेवर युवाओं के प्रदेश सरकार की योजना से जुड़ने की कुछ खास वजह मानी जा रही हैं। मसलन, युवाओं में सरकारी तंत्र से जुड़ने की जिज्ञासा है। विदेश की कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में ऐसे पेशेवर युवाओं को प्रवेश में छूट दी जाती है, जिन्हें सरकारों के साथ कार्य करने का अनुभव होता है।
सीएम यंग फेलो योजना के प्रति पेशेवर युवाओं में काफी उत्साह है। चार पदों के लिए बड़ी संख्या में आवेदन आए हैं। कई प्रतिष्ठित संस्थानों से पढ़े युवाओं ने आवेदन किए हैं।
- राधिका झा, सचिव, (मुख्यमंत्री)
प्रदेश के दस लाख बेरोजगारों के लिए राहत की खबर है। उन्हें सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर शुरू होने वाली भर्ती की जानकारी के लिए विभिन्न दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। एक क्लिक पर उन्हें रिक्त पदों और भर्ती की प्रक्रिया की जानकारी मिल जाएगी। सरकार इसके लिए एक पोर्टल तैयार करवा रही है। इसे लेकर अधिकारियों की विभिन्न विभागों के साथ एक बैठक हो चुकी है।
प्रदेश सरकार वर्ष 2019-20 को रोजगार वर्ष की रूप में मना रही है। इस साल विभिन्न सरकारी विभागों में 18 हजार रिक्त पदों पर नियुक्तियों का रास्ता खुलने की उम्मीद है। अपर सचिव कार्मिक सुमन सिंह वल्दिया के मुताबिक एनआईसी पोर्टल तैयार कर रहा है। विभाग में भर्ती शुरू होने से लेकर रिजल्ट घोषित होने तक सभी जानकारी इस पोर्टल में होगी।