मानदेय बढ़ोतरी समेत विभिन्न सूत्री मांगों के समर्थन में भोजनमाताओं का धरना प्रदर्शन लगातार जारी है। बुधवार को भी भोजनमाताओं ने खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय में नारेबाजी कर प्रदेश सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने मांग पूरी न होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही। हरिद्वार से आई भोजनमाताओं के प्रतिनिधिमंडल ने भी धरना स्थल पहुंच प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
भोजनमाता संगठन के संरक्षक जगदीश कुमार ने कहा कि यदि सरकार उनकी मांग को नहीं सुनती तो उन्हें आंदोलन को उग्र करने को बाध्य होना पड़ेगा। पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर आंदोलन चलाया जाएगा। प्रदेश सरकार भोजनमाताओं के हितों के साथ खिलवाड़ कर रही है। लंबे समय से उन्हें मानदेय के नाम पर महज 2000 रुपये की राशि दी जा रही है। इसके साथ ही देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर और नैनीताल में अक्षय पात्र फाउंडेशन से आच्छादित स्कूलों में तैनात भोजनमाताओं के भविष्य पर संशय के बादल मंडरा रहे हैं। उन्होंने 65 वर्ष से अधिक उम्र की भोजनमाताओं को भोजनमाता कल्याण कोष से लाभान्वित कर सेवानिवृत्त करने की मांग की।
धरना देने वालों में भगवानपुर हरिद्वार की अनारो देवी, उजा देवी, मेमो देवी, उमेश, मूर्ति देवी, लता देवी, मितलेश, रुड़की की शांति देवी, ममता, कमला राणा, जसवीर कौर, निर्मला खत्री, अंबिका थापा, विरमा देवी, मुकेश देवी, सुमन मिश्रा, रविता, बबली, रोशनी देवी, धरमू देवी, सुनीता, काजल गुप्ता, बबिता, अनारी देवी, बोरो देवी, जसवीर कौर, इंदु तोमर, दीपा थापा शामिल रहे।