ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
नाबालिगों से बतौर नौकर घरेलू काम कराने वालों की खैर नहीं है। इस बाबत बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने पुलिस व श्रम विभाग के अफसरों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा अभियान चलाकर घरेलू नौकर के रूप में काम करने वालों की रिपोर्ट तलब की है। इसके अलावा लोगों से गोपनीय जानकारी देने की अपील की है।
राजधानी दून में नाबालिगों को बंधक बनाकर बतौर नौकर घरेलू काम कराए जाने के कई मामले सामने आए हैं। इसका संज्ञान लेकर बाल अधिकार संरक्षण आयोग ऊषा नेगी की अगुवाई में श्रम विभाग की टीम पिछले दो माह के भीतर कई बच्चों को मुक्त करा चुकी है। इसी क्रम में बाल आयोग अध्यक्ष ने पुलिस व श्रम विभाग के अधिकारियों को घरों में काम करने वाले नौकरों के सत्यापन के आदेश दिए हैं। भौतिक सत्यापन में नाबालिगों से काम कराने की स्थिति में आरोपी को जेल भेजा जाएगा। इसके अलावा ऐसे बच्चों को मुक्त कराने के साथ ही उनकी पढ़ाई लिखायी की व्यवस्था की जाएगी।