इन दिनों केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं। अगर कोई छात्र कोरोना संक्रमित होने से टर्म-2 की बोर्ड परीक्षा देने में असमर्थ है, तो उसे टर्म-1 की परीक्षा पर रिजल्ट दिया जाएगा।
इस बाबत जल्द ही बोर्ड की ओर से गाइडलाइन भी जारी की जा सकती है। कोरोना के चलते बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीबीएसई की ओर से पहली बार दो भागों में बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है। टर्म-1 की परीक्षा बीते साल दिसंबर में आयोजित की गई थी, जबकि 26 अप्रैल से शुरू हुई टर्म-2 की परीक्षाएं चल रही हैं। केंद्रीय विद्यालय संगठन देहरादून संभाग की उपायुक्त मीनाक्षी जैन ने बताया कि कोरोना संक्रमित होने के बाद अगर कोई छात्र टर्म-2 की बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं हो पाया तो उसे टर्म-1 की परीक्षा के आधार पर रिजल्ट दिया जाएगा।
हालांकि, अभी ऐसा कोई मामला सामने नहीं है। इस बाबत जल्द बोर्ड की ओर से गाइडलाइन जारी की जा सकती है। वहीं, एनआईईपीवीडी के प्रधानाचार्य अमित शर्मा ने बताया कि टर्म-2 में प्रतिभाग नहीं कर पाने वाले छात्रों को फेल नहीं किया जाएगा। अगर कोई छात्र दोनों ही भाग की परीक्षा में शामिल नहीं हुआ तो उसे फेल माना जाएगा और उस छात्र को एक बार फिर से पूरे साल पढ़ाई करनी होगी। हालांकि, अभी तक की परीक्षा में संस्थान के शत प्रतिशत छात्र शामिल हो रहे हैं।