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अस्पताल आने वाले किसी भी मरीज और तीमारदार को परेशानी हुई तो चिकित्सक होंगे जिम्मेदार: चिकित्सा अधीक्षक

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IIमरीज को परेशानी हुई तो चिकित्सक होंगे जिम्मेदार : चिकित्सा अधीक्षक
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I- सुबह ओपीडी में बैठने और दोपहर में उठने का समय सुनिश्चित करें सभी चिकित्सक
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I-भर्ती मरीज का आयुष्मान बनवाना सुनिश्चित करें कर्मचारी
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Iदून अस्पताल के नए चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर आरएस बिष्ट ने पदभार ग्रहण करने के बाद बैठक की। अस्पताल की ओपीडी, इमरजेंसी और आयुष्मान से जुड़ी सभी सेवाओं को और बेहतर करने के निर्देश दिए हैं। कहा कि अस्पताल आने वाले किसी भी मरीज और तीमारदार को परेशानी होती है, तो संबंधित चिकित्सक पर कार्रवाई की जाएगी।
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Iसोमवार को दून अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर आरएस बिष्ट ने उप चिकित्सा अधीक्षक समेत तमाम अधिकारियों के साथ अस्पताल की व्यवस्थाओं को और अधिक कैसे दुरुस्त किया जा सके इस पर विस्तार से वार्ता की। इसमें मुख्य रूप से ओपीडी में चिकित्सकों के समय पर आने और दोपहर में तय समय तक रुकने के साथ ही इमरजेंसी में प्राथमिक प्रबंधन को मजबूत करने पर जोर दिया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरएस बिष्ट ने कहा कि अस्पताल आने वाला मरीज तो शारीरिक पीड़ा से जूझता है, और तीमारदार मानसिक परेशानी से, ऐसे में कई बार उसे इलाज के लिए इधर से उधर चक्कर काटने पड़ते हैं, इसकी वजह से उसकी परेशानी और अधिक बढ़ जाती है। यह सभी कर्मचारियों की जिम्मेदारी होनी चाहिए की अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को समय पर सही उपचार दिया जाए। और तीमारदारों के साथ सही व्यवहार रखा जाए। इस दौरान बैठक में दून अस्पताल के उप चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर नंदन सिंह बिष्ट, रेडियोलोजी विभाग के इंचार्ज डॉक्टर महेंद्र भंडारी, बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अशोक कुमार, डॉ, राजेंद्र खंडूड़ी, डॉ अतुल कुमार, बीएस बड़थ्वाल और विनोद नैनवाल आदि मौजूद रहे।I
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