-पुराने पैटर्न के मुताबिक सीएस फाउंडेशन के बाद तीन साल की ट्रेनिंग या एग्जीक्यूटिव के बाद दो साल की ट्रेनिंग या सीएस फाइनल के बाद एक साल की ट्रेनिंग करनी होती थी। अब आईसीएसआई ने 24 महीनों की ट्रेनिंग अनिवार्य कर दी है। इस ट्रेनिंग में शुरुआती एक महीना स्किल आधारित ट्रेनिंग के लिए होगा। इसमें 15 दिन चैप्टर ऑफिस में ट्रेनिंग होगी और अगले 15 दिन स्टूडेंट्स को ऑनलाइन कोर्स करने होंगे। इस एक महीने की ट्रेनिंग के बाद ही छात्र प्रैक्टिसिंग सीएस के अंडर में 21 महीनों की ट्रेनिंग पर जा सकेंगे।
-21 महीनों की ट्रेनिंग पूरी होने के बाद दो महीनों की रेजिडेंशियल ट्रेनिंग (कारपोरेट लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम) करना होगा। इसमें उन्हें आर्बिट्रेशन, मूटकोर्ट, ग्रुप डिस्कशन समेत कारपोरेट वर्ल्ड के लिए सभी जरूरी स्किल्स सिखाई जाएंगी।
-सीएस फाइनल की पढ़ाई पोस्ट ग्रेजुएशन के बराबर मानी जाएगी। देश की 54 यूनिवर्सिटी में सीएस फाइनल करने के बाद सीधे पीएचडी करने का मौका मिलेगा। इसके लिए आईसीएसआई ने इन सभी यूनिवर्सिटीज से टाईअप किया है।
-देश की 60 यूनिवर्सिटीमें अब आईसीएसआई के स्टूडेंट्स लाइब्रेरी का इस्तेमाल कर सकेंगे। यह यूनिवर्सिटीज आईसीएसआई से जुड़ी सभी किताबें रखेंगी।