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कंपनी सेक्रेटरी बनने के लिए आईसीएसआई ने पैटर्न में किया बदलाव, अब देनी होगी ये परीक्षा

Tue, 18 Feb 2020 02:56 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • द इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया ने बदला पैटर्न
  • नोटिफिकेशन हुआ जारी, सीएस फाउंडेशन कोर्स हुआ खत्म, देना होगा सीसैट 
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- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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अगर आप कंपनी सेक्रेटरी बनना चाहते हैं तो अब नए बदलावों का सामना करना होगा। द इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (आईसीएसआई) ने सीएस कोर्स का पैटर्न बदल दिया है। साथ ही सीएस फाउंडेशन कोर्स को खत्म कर दिया गया है।

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पिछले दिनों आईसीएसआई के बदलावों का नोटिफिकेशन जारी हो गया है। इसके मुताबिक आईसीएसआई का सीएस फाउंडेशन कोर्स नहीं होगा। सीएस एग्जीक्यूटिव कोर्स में अब सीधे ग्रेजुएशन पास के आधार पर एंट्री नहीं मिलेगी। अब एग्जीक्यूटिव की पढ़ाई के लिए सीसैट में शामिल होना होगा। टेस्ट में 120 सवाल हल करने के बाद 15 मिनट का वायवा होगा।

साथ ही जो स्टूडेंट्स तीन फरवरी के बाद फाउंडेशन कोर्स में रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं, उन्हें दो अटेम्प्ट में परीक्षा पास करने का मौका ही दिया जाएगा। इसके अलावा स्टूडेंट्स को 6 महीने का समय भी दिया गया है। इसमें वह फाउंडेशन को छोड़कर सीधे सीएसईईटी (सीसैट) में शामिल होकर एग्जीक्यूटिव की तरफ  बढ़ सकते हैं।
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170 अंकों का होगा सीसैट
सीसैट 170 अंकों का होगा। इसमें 120 सवाल पूछे जाएंगे। इसमें बिजनेस कम्यूनिकेशन, लीगल एप्टीट्यूड, इकोनॉमिक्स एंड बिजनेस स्टडीज और करेंट अफेयर्स के सवाल शामिल होंगे। सवाल हल करने के बाद 15 मिनट का वायवा होगा। इसके लिए 30 अंक निर्धारित किए गए हैं। दोनों में कुल मिलाकर 50 प्रतिशत अंक लाने अनिवार्य होंगे।

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यह हैं सीएस कोर्स के नए बदलाव

-पुराने पैटर्न के मुताबिक सीएस फाउंडेशन के बाद तीन साल की ट्रेनिंग या एग्जीक्यूटिव के बाद दो साल की ट्रेनिंग या सीएस फाइनल के बाद एक साल की ट्रेनिंग करनी होती थी। अब आईसीएसआई ने 24 महीनों की ट्रेनिंग अनिवार्य कर दी है। इस ट्रेनिंग में शुरुआती एक महीना स्किल आधारित ट्रेनिंग के लिए होगा। इसमें 15 दिन चैप्टर ऑफिस में ट्रेनिंग होगी और अगले 15 दिन स्टूडेंट्स को ऑनलाइन कोर्स करने होंगे। इस एक महीने की ट्रेनिंग के बाद ही छात्र प्रैक्टिसिंग सीएस के अंडर में 21 महीनों की ट्रेनिंग पर जा सकेंगे।
-21 महीनों की ट्रेनिंग पूरी होने के बाद दो महीनों की रेजिडेंशियल ट्रेनिंग (कारपोरेट लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम) करना होगा। इसमें उन्हें आर्बिट्रेशन, मूटकोर्ट, ग्रुप डिस्कशन समेत कारपोरेट वर्ल्ड के लिए सभी जरूरी स्किल्स सिखाई जाएंगी।
-सीएस फाइनल की पढ़ाई पोस्ट ग्रेजुएशन के बराबर मानी जाएगी। देश की 54 यूनिवर्सिटी में सीएस फाइनल करने के बाद सीधे पीएचडी करने का मौका मिलेगा। इसके लिए आईसीएसआई ने इन सभी यूनिवर्सिटीज से टाईअप किया है।
-देश की 60 यूनिवर्सिटीमें अब आईसीएसआई के स्टूडेंट्स लाइब्रेरी का इस्तेमाल कर सकेंगे। यह यूनिवर्सिटीज आईसीएसआई से जुड़ी सभी किताबें रखेंगी।
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