बीते वर्ष केदारनाथ धाम की यात्रा नौ मई को शुरू हुई थी। तब भी पैदल मार्ग पर भीमबली से ही बर्फ मौजूद थी। रामबाड़ा से रुद्रा प्वाइंट के बीच छह जगहों पर 45 फीट से अधिक लंबाई तक के हिमखंड थे। श्रद्धालुओं को साढ़े चार किमी बर्फ को काटकर बनाए गए रास्ते से होकर गुजरना पड़ा था। इससे पूर्व वर्ष 2015 में भी पैदल मार्ग पर 8 से 9 फीट बर्फ को काटकर रास्ता बनाया गया था।
एक टीम को केदारनाथ भेजा जा रहा है, जो वहां के हालातों का जायजा लेगी। इसके बाद पैदल मार्ग और धाम में बर्फ सफाई का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। सभी कार्यदायी संस्थाओं को पुनर्निर्माण कार्यों को लेकर 10 फरवरी तक अपने स्थानों पर पहुंचने को कहा गया है।
-मंगेश घिल्डियाल, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग।