हाईकोर्ट ने स्टिंग ऑपरेशन मामले में अभियुक्त बनाए गए मृत्युंजय मिश्रा की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए उन्हें जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
मृत्युंजय मिश्रा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि याचिकाकर्ता सहित उमेश कुमार शर्मा, प्रवीण साहनी, सौरभ साहनी व राहुल भाटिया के खिलाफ 10 अगस्त 2018 को आयुष गौड ने थाने में एफआईआर दर्ज कर कहा था कि ये लोग नेताओं और अधिकारियों के खिलाफ स्टिंग चलाकर उगाही करते हैं।
याची की ओर से कहा गया था कि उसे इस प्रकरण पर झूठा फंसाया गया है। याची की ओर से उसके खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त करने की मांग की गई थी।