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स्टिंग प्रकरण: सता रहा मुकदमा निरस्त होने का डर, सरकार के पैरोकारों को हाईकोर्ट जाने की सलाह

Tue, 20 Nov 2018 08:30 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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आरोपी को कोर्ट ले जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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स्टिंग प्रकरण में दर्ज मुकदमे के अब निरस्त होने का डर भी सताने लगा है। इसी कड़ी में पुलिस अधिकारियाें ने सरकार के पैरोकारों को हाईकोर्ट में प्रभावी पैरोकारी की सलाह दी हैं।

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कहा है कि सरकार को अस्थिर करने से जुड़ा मामला होने के कारण पैरोकारी को वकीलों का पैनल बनाया जाए, ताकि आरोपियाें के खिलाफ केस मजबूती से लड़ा जा सके। 

मुख्यमंत्री और अपर मुख्य सचिव के स्टिंग आपरेशन के प्रयास के मामले में पुलिस ने शुरुआत में जिस तरह का चक्रव्यूह तैयार किया था, उससे लगा था कि पुलिस प्रभावी कार्रवाई के मूड में है।

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निजी चैनल के सीईओ उमेश कुमार की गिरफ्तारी से उत्साहित पुलिस की कार्यप्रणाली ने अन्य आरोपियों को बचाव का पूरा मौका दे दिया। एक-एक करके अन्य चारों आरोपी हाईकोर्ट से राहत पाने में कामयाब हो गए। इसके बाद उमेश पक्ष की तरफ से मुकदमे पर सवाल उठाते हुए निरस्त कराने को हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा कर सरकार और पुलिस दोनों को बेचैन कर दिया।

अब कहीं न कहीं यह भी डर सताने लगा है कि यदि हाईकोर्ट में प्रभावी पैरोकारी नहीं हुई तो फैसला उनके खिलाफ भी जा सकता है। इसी आशंका को लेकर पुलिस अधिकारियाें ने सरकार के पैरोकारों के सामने पूरा ज्ञान उलट दिया।

सुझाव दिया है कि स्टिंग आपरेशन करने के पीछे की मंशा सरकार को अस्थिर करने की थी। ऐसे में हाईकोर्ट में केस की सुनवाई के दौरान बड़े वकीलों की मदद ली जाए, ताकि कानूनी लड़ाई को मजबूती से लड़ा जा सके। अब देखना यह है कि अधिकारियों की इस सलाह को सरकार के पैरोकार कितनी गंभीरता से लेते हैं।
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