उसने ठेकेदार बनकर उमेश के कहने पर मृत्युंजय मिश्रा के मार्फत एसीएस ओमप्रकाश से 16 फरवरी से 18 मार्च के बीच कई मुलाकात की। उसके बाद वह उमेश के आदेश पर दिल्ली से देहरादून आया।
यहां पहुंचने पर उमेश ने उसे राहुल भाटिया के साथ मिलकर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का स्टिंग ऑपरेशन करने का जिम्मा सौंपा। इस दौरान एक दिन जब वह उमेश के घर मौजूद था तो उसने कुछ ऐसी बातें सुनी, जिसे सुनकर उसकी अंतरात्मा ने उसे झकझोर कर रख दिया।
उसके बाद वह सीएम के घर गया जरूर, लेकिन खुफिया कैमरे बाहर रखकर। लिहाजा वह सीएम से हुई मुलाकात का वीडियो-ऑडियो नहीं बना सका। हालांकि, इस मुलाकात में भ्रष्टाचार संबंधी कोई बात सामने नहीं आई।
जिन लोगों के वीडियो उसने बनाए उनके नाम पूछने पर उसने सिलसिलेवार जानकारी दी। कहा कि दिल्ली में उसने एसीएस ओमप्रकाश और मृत्युंजय की मुलाकात का वीडियो बनाया था, लेकिन इस मुलाकात में उन्होंने किसी तरह की रिश्वत या लेन-देन की बात नहीं की। हालांकि, इस बीच मृत्युंजय से फोन पर जो बातचीत हुई उसका ऑडियो सुरक्षित है। बकौल गौड़ मृत्युंजय मिश्रा ने उससे 10 लाख रुपये की मांग की थी।
इस दौरान उसने कहा था यदि वह जल्द रकम लेकर आएगा तो ठेका उनके पक्ष में जाएगा। इसके लिए उसने अधिकारियों से बात कर ली है, लेकिन उमेश शर्मा इससे खुश नहीं था। वह बार-बार दबाव बना रहा था कि एक बार वह यह रकम एसीएस ओमप्रकाश और मुख्यमंत्री को पकड़ा दे। साथ ही मुख्यमंत्री से एक शब्द कहलवा लें कि उस सब उनके साथ हैं। किसी को अपने हाथों से पैसे देने से पत्रकार वार्ता के दौरान गौड़ ने इंकार किया।
आयुष गौड़ ने कहा कि उसकी देहरादून में राहुल भाटिया ने एक बिल्लू नाम के शख्स से मुख्यमंत्री के पैतृक आवास पर मुलाकात कराई थी। बिल्लू सीएम का भाई बताया जा रहा है। इसके बाद उसके मार्फत होटल व्यवसायी संजय गुप्ता और कासिम नाम के व्यक्ति से मुलाकात हुई थी। इनसे होटल निर्माण की भूमि अधिग्रहण करने संबंधी बातचीत की थी। बकौल आयुष गौड़ उसने सभी का वीडियो बनाया था, लेकिन इस बातचीत में किसी प्रकार के लेनदेन की बात सामने नहीं आई।
राहुल भाटिया को नहीं जानता
राहुल भाटिया के मार्फत गौड़ ने देहरादून में कई लोगों से मुलाकात की और उनके वीडियो बनाए। बावजूद इसके वह राहुल भाटिया के बारे में ज्यादा जानकारी होने से इंकार कर रहा है। हालांकि, उसकी यह बात किसी के गले नहीं उतर रही है कि वह इतनी महत्वपूर्ण बातें एक व्यक्ति से कर रहा था, जिसे वह जानता तक नहीं। यही नहीं मुकदमे में उसी ने राहुल भाटिया का पनाष वैली का पता भी लिखवाया। पुलिस राहुल भाटिया नाम के शख्स की तलाश सरगर्मी से कर रही है।