फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आईएएस स्टिंग केस: ब्लैकमेलिंग के आरोपी उमेश शर्मा को कोर्ट ने 8 नवंबर तक न्यायिक अभिरक्षा में भेजा

Tue, 30 Oct 2018 08:51 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
आरोपी उमेश शर्मा को न्यायालय ले जाते पुलिस कर्मी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

स्टिंग न करने पर पत्रकार को धमकाने और ब्लैकमेलिंग के आरोप में गिरफ्तार चैनल के सीईओ उमेश कुमार शर्मा को सोमवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रिंकी साहनी की अदालत में पेश किया गया।

विज्ञापन


अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष की बहस को सुनने के बाद उमेश कुमार को आठ नवंबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। पुलिस ने कुछ इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और असलाह बरामद करने के लिए शर्मा की पांच की कस्टडी रिमांड भी मांगी है, जिस पर अदालत में मंगलवार को सुनवाई होगी। इसके साथ ही उमेश की ओर से दायर जमानत अर्जी पर भी अदालत मंगलवार को ही सुनवाई करेगी।  

उमेश शर्मा को पुलिस ने रविवार सुबह गाजियाबाद इंदिरापुरम स्थित उसके मकान से गिरफ्तार किया था। उसके घर से लगभग 51 लाख रुपये (देसी-विदेशी मुद्रा सहित) और कई ऑडियो-वीडियो व इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद हुई थीं।

विज्ञापन
Trending Videos

सरकार के फंसाने की कही बात

पुलिस उमेश को लेकर सोमवार देर रात देहरादून पहुंची थी। पहले उसे राजपुर थाने में रखा गया और इसके बाद करीब साढ़े दस बजे पुलिस उसे न्यायालय लेकर पहुंची। यहां अधिवक्ता के शोक में सभी स्थानीय अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत थे।

लिहाजा उमेश ने अदालत में पहले खुद ही अपना पक्ष रखा। इसके बाद दिल्ली से आए अधिवक्ता ने बचाव के लिए अदालत में तर्क रखे। इसके साथ ही अभियोजन की अधिवक्ता ऋचा कोठियाल ने उमेश और उनके अधिवक्ता के तर्कों का विरोध किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने उमेश को आठ नवंबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। 

इधर, पुलिस ने अदालत से उमेश की पांच दिन की कस्टडी रिमांड भी मांगी। इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर एसओ राजपुर अरविंद कुमार का कहना है कि इस मामले में अभी कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पुलिस को बरामद करनी हैं। इसके साथ ही पूर्व में जब वादी (आयुष गौड़) के मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज कराए गए थे, उनमें गौड़ ने उमेश पर धमकी के आरोप लगाए थे।
विज्ञापन

  सरकार से बताया जान का खतरा 

आरोप था कि उमेश ने अपने लाइसेंसी असलाह के माध्यम से भी उसे जान से मारने की धमकी दी थी। ऐसे में उमेश से वह असलाह भी बरामद करना है। पुलिस के इस प्रार्थनापत्र पर मंगलवार को सुनवाई होगी। इसके साथ ही उमेश कुमार ने खुद को बेगुनाह बताते हुए जमानत की अर्जी भी दायर की, जिस पर मंगलवार को ही सुनवाई होनी है।

उमेश कुमार ने अदालत परिसर में पत्रकारों से कहा कि उसे सरकार ने फंसाया है। अब सरकार से उसे जान का खतरा है। सरकार कभी भी उसके साथ अनहोनी करा सकती है। इसका यह जीता जागता उदाहरण है, कि उसे गिरफ्तार करने और कोर्ट में पेश करने के लिए भी इतनी बड़ी फौज लाई जा रही है।   
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें