इनमें से उमेश की तो गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि राहुल भाटिया निवासी पनाष वैली सहस्त्रधारा रोड, आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुल सचिव (निलंबित) मृत्युजंय मिश्रा, प्रवीण साहनी और सौरभ साहनी निवासी गाजियाबाद की तलाश में पुलिस जुटी है।
स्टिंग की पूरी कमान राहुल भाटिया के हाथों में थी। भाटिया ही मुकदमा दर्ज कराने वाले एडिटर इंवेस्टिगेशन आयुष गौड़ को लेकर देहरादून आया था। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के तमाम करीबियों से मुलाकात कराने में भी भाटिया का योगदान रहा है। इनमें से कुछ की रिकार्डिंग भी की गई। भाटिया की आयुष के साथ तीन खुफिया कैमरे लेकर सीएम के आवास पर गया था, लेकिन कैमरे अंदर नहीं जा सके।
सत्त्ता के गलियारों में लंबे समय सक्रिय रहे राहुल भाटिया ही सीईओ उमेश कुमार का सबसे करीबी है। ऐसे में स्टिंग ऑपरेशनों को लेकर सबसे ज्यादा जानकारी राहुल भाटिया दे सकता है, क्योंकि काफी स्टिंग ऑपरेशनों की कमान उसने ही संभाली है। इसी लिहाज से पुलिस ने अब राहुल की गिरफ्तारी पर फोकस कर दिया है। एसएसपी निवेदिता कुकरेती के मुताबिक राहुल समेत अन्य की तलाश में पुलिस की कई टीम लगी हैं। जल्द ही उनकी गिरफ्तारी होने की उम्मीद हैं।