स्टिंग प्रकरण में हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे लेने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने नोटिस तामिल कराकर बयान के लिए बुलाया है। विवेचक के छुट्टी पर जाने के कारण आरोपी सोमवार को पुलिस के सामने अपना पक्ष रख सकते हैं। इसी दिन पुलिस सीईओ उमेश कुमार शर्मा के यहां से बरामद हुए इलेक्ट्रोनिक उपकरणों की जांच की अनुमति के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र देने की तैयारी कर रही है।
मुख्यमंत्री और अपर मुख्य सचिव का स्टिंग करने में नाकाम रहे आयुष गौड़ को धमकाने के मामले में अगस्त में राजपुर थाने में निजी चैनल के सीईओ उमेश कुमार शर्मा, राहुल भाटिया, कुल सचिव निलंबित मृत्युंजय मिश्रा, प्रवीण साहनी और सौरभ साहनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने सीईओ उमेश शर्मा को तो गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मृत्युंजय मिश्रा की याचिका अभी हाईकोर्ट में विचाराधीन है। जबकि आरोपी राहुल भाटिया, प्रवीण साहनी और सौरभ साहनी हाईकोर्ट से राहत पाने में कामयाब हो गए थे।
पुलिस ने इन तीनों को नोटिस तामिल कराकर बयान देने के लिए बुलाया है। इसी बीच विवेचक दो दिन के अवकाश पर चले गए। सूत्रों का कहना है कि तीनों आरोपी सोमवार को पुलिस के सामने आकर अपना पक्ष रख सकते हैं। इसी बीच पुलिस सोमवार को ही उमेश शर्मा की गिरफ्तारी के दौरान बरामद हुए इलेक्ट्रोनिक उपकरणों की जांच के लिए अनुमति लेने का प्रयास करेगी। बता दे कि सीईओ उमेश कुमार की जमानत प्रार्थना पत्र पर 16 नवंबर को जनपद न्यायाधीश की कोर्ट में सुनवाई होगी।