स्टिंग प्रकरण में करीब एक माह पहले गिरफ्तार हुए निजी चैनल के सीईओ उमेश कुमार शर्मा बृहस्पतिवार को झारखंड की बिरसा मुंडा जेल से रिहा हो गए।
रांची में उत्तराखंड सरकार के स्टिंग आपरेशन के लिए दबाव डालने के मुकदमे में उमेश को कई दिन पहले जमानत मिल गई थी। देहरादून पुलिस ने बुधवार रात नैनीताल हाईकोर्ट के बी वारंट पर रोक लगाने संबंधी आदेश की प्रति रांची पुलिस को ई-मेल कर दी। रांची जेल प्रशासन ने तमाम औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दोपहर बाद उनकी रिहाई पर मोहर लगा दी।
स्टिंग आपरेशन को लेकर सुर्खियों में रहने वाले निजी चैनल के सीईओ उमेश कुमार शर्मा करीब एक माह तक देहरादून और झारखंड की जेल में रहे।
दरअसल, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और अपर मुख्य सचिव का स्टिंग आपरेशन करने में नाकाम रहे चैनल एडिटर इन्वेस्टिगेशन आयुष गौड़ को धमकी देने के मामले में निजी चैनल के सीईओ उमेश कुमार की 28 अक्तूबर को गिरफ्तारी हुई थी।
उमेश के जेल में रहते तीन मुकदमे दर्ज हुए, इनमें एक मुकदमा भाजपा संगठन से जुड़े अमृतेश सिंह चौहान ने रांची के अरगोडा थाने में दर्ज कराया था, जिसमें उमेश पर उत्तराखंड सरकार के खिलाफ स्टिंग आपेरशन करने के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया गया था। देहरादून के मुकदमे में जमानत मिलने के बाद 19 नवंबर को उमेश कुमार को रांची की बिरसा मुंडा जेल में स्थानांतरित किया गया था।
रांची के मुकदमे में उमेश कुमार को कई दिन पहले जमानत मिल गई थी। राजपुर पुलिस एक अन्य मुकदमे में उमेश को देहरादून जेल लाने के लिए बी वारंट दाखिल कर दिया था, जिस पर नैनीताल हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी। राजपुर पुलिस ने बुधवार हाईकोर्ट के आदेश की प्रति ई-मेल के जरिये रांची पुलिस को भेज दी थी। तमाम औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उमेश कुमार को बिरसा मुंडा जेल से रिहा कर दिया गया। जहां से वह दिल्ली के लिए रवाना हो गए।