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Dehradun: इस साल महाविद्यालयों में सीटें खाली...दो हफ्ते पहले ही मिला प्रवेश, बिना पढ़े कैसे होगी परीक्षा

Mon, 04 Nov 2024 02:44 PM IST
देहरादून ब्यूरो माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून

सार

इस साल विवि और महाविद्यालयों में सीटें खाली रहने के चलते प्रवेश के लिए समर्थ पोर्टल को खोला गया था। इसके चलते अक्तूबर के आखिर तक प्रवेश प्रक्रिया चलती रही। इसके कुछ दिनों बाद छात्रसंघ चुनाव को लेकर छात्रों का आंदोलन शुरू हो गया। जिससे महाविद्यालयों में छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हुई।
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परीक्षा - फोटो : freepik
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विस्तार
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इस साल महाविद्यालयों में सीटें खाली रखने के चलते छूटे छात्रों को दो दिन का अतिरिक्त समय दिया गया था। गत 24-25 अक्तूबर को प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय की ओर से स्नातक (यूजी) और स्नातकोत्तर (पीजी) प्रथम वर्ष की सेमेस्टर परीक्षा का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है।

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ऐसे में छात्रों का कहना है कि दो हफ्ते पहले ही प्रवेश लिया है, बिना पढ़े परीक्षा कैसे देंगे। विवि को परीक्षा की तिथि को बढ़ाना चाहिए। दरअसल, इस साल विवि और महाविद्यालयों में सीटें खाली रहने के चलते प्रवेश के लिए समर्थ पोर्टल को खोला गया था। इसके चलते अक्तूबर के आखिर तक प्रवेश प्रक्रिया चलती रही। इसके कुछ दिनों बाद छात्रसंघ चुनाव को लेकर छात्रों का आंदोलन शुरू हो गया। जिससे महाविद्यालयों में छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हुई।

ऐसे में विवि ने यूजी और पीजी का परीक्षा कार्यक्रम जारी कर छात्रों की चिंता बढ़ा दी है। अब छात्रों को डर लग रहा है कि बिना पढ़ाई किए परीक्षा कैसी होगी। छात्रों का कहना यह भी है कि इस बीच अगर छात्रसंघ चुनाव की घोषणा होती है तो परीक्षा कैसे संभव है।
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सेमेस्टर परीक्षा की तिथि बढ़ाए जाने की मांग
राजकीय महाविद्यालय मालदेवता रायपुर के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कुलदीप पंवार ने कहा, बिना पढ़ाई छात्रों को परीक्षा में बैठाना अन्याय करने जैसा है। बीते सालों में भी सेमेस्टर परीक्षाएं दिसंबर-जनवरी में हुई हैं। ऐसे में इस साल भी छात्रों की परेशानियों को देखते हुए सेमेस्टर परीक्षा की तिथि बढ़ाई जाए। चेतावनी देते हुए कहा, इस संबंध में विवि की ओर से जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो छात्र उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

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वहीं, छात्रों ने विवि प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा, विवि की ओर से इस प्रकार की जल्दबाजी इसलिए की जा रही है, ताकि छात्रसंघ चुनाव से अपना पल्ला झाड़ दिया जाए, लेकिन विवि प्रशासन को उस अंतिम छात्र का भी ध्यान रखना चाहिए, जिसका प्रवेश 24-25 अक्तूबर में हुआ है।
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