फर्श पर पड़े थे खून से लथपथ शव
मकान के निचले हिस्से में कोई नहीं रहता है। पुलिस ऊपर पहुंची तो दुर्गंध आ रही थी। अंदर से बच्चे के रोने की आवाज आ रही थी। कमरे के अगले दरवाजे पर ताला लटका हुआ था। जबकि, पिछला दरवाजा अंदर से बंद था। पुलिस दरवाजे की जाली तोड़कर अंदर दाखिल हुई तो देखा कि काशिफ और अनम के खून से लथपथ शव फर्श पर पड़े थे। दोनों शवों से कीड़े निकल रहे थे। बीच में एक नवजात पड़ा हुआ था। पुलिस ने सबसे पहले नवजात को उठाया और एंबुलेंस से दून अस्पताल पहुंचाया। एसओ क्लेमेंटटाउन शिशुपाल सिंह राणा ने बताया कि दोनों के नाक से खून निकल रहा था। उनके शरीर को चेक किया गया तो कोई चोट के निशान नहीं थे। कमरे में सामान भी जस का तस रखा हुआ था। ऐसे में यह आत्महत्या का मामला लग रहा है। मौके पर फोरेंसिक टीम ने भी जांच पड़ताल की है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
शुक्रवार को हुई थी अनम की डिलीवरी
पुलिस के अनुसार अनम की गत शुक्रवार को मेहूंवाला स्थित एक निजी अस्पताल में डिलीवरी हुई थी। अस्पताल जाने के लिए उसने अपने एक परिचित की गाड़ी ली थी। शाम के समय वह बच्चे और अनम को लेकर घर आ गया। इसके बाद गाड़ी को अपने दोस्त के पास छोड़ने चला गया। आसपास के लोगों से भी उसका कोई ज्यादा संपर्क नहीं रहता था। ऐसे में किसी को पता भी नहीं चल पाया कि अंदर कमरे में क्या हुआ।
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दूसरी शादी के लिए राजी नहीं थे परिजन
काशिफ की पहली शादी छह साल पहले हुई थी। इस शादी से उसे पांच साल का बेटा भी है, लेकिन एक साल पहले उसे अपने ही गांव की रहने वाली अनम से प्यार हो गया। दोनों शादी करने को तैयार हो गए। दोनों के परिवार वाले इस बात से राजी नहीं थे। इस पर कई बार पंचायत भी हुई। अंत में दोनों परिवारों की मौजूदगी में शादी करनी पड़ी। अब अनम के परिवार वाले उससे कोई संबंध नहीं रखते थे। दोनों की मौत के बाद काशिफ के परिजन तो मौके पर पहुंचे थे, लेकिन अनम के परिजन नहीं आए।