एक फिल्म का गाना बड़ा मशहूर है, ‘है इसी में प्यार की आबरू वो जफा करें, मैं वफा करूं...’। करवाचौथ पर प्यार का ऐसा ही रूप देखने में आया, वह भी अदालत की चौखट पर।
पति पिंड छुड़ाना चाहता है। तलाक के लिए मुकदमा चला रखा है। लक्ष्मी (छद्म नाम) कोर्ट में पेशी पर आई है मगर तलाक मांगने वाले पति के लिए करवा चौथ का व्रत रखा है।
करवाचौथ पर इश्क की चांदनी में डूबा दून
11 महीन पहले लव मैरिज हुई
लक्ष्मी की 11 महीन पहले लव मैरिज हुई थी। लव तो अब इकतरफा ही बचा है, मैरिज बचाना भी मुश्किल हो रहा है। पति बेवफा निकला और ससुराली अत्याचारी।
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दहेज के लिए मारपीट शुरू हो गई। घर से भी निकाल दिया। जुल्म जब हद से बढ़ा गया तो कोतवाली में घरेलू हिंसा की शिकायत की ‘गलती’ कर दी। पति की त्योरियां चढ़ गईं।
तलाक का मुकदमा दाखिल
घर वालों के खिलाफ मामला दर्ज कराना इतना नागवार गुजरा कि पलटकर तलाक का मुकदमा दाखिल कर दिया। मोहब्बत के बाद की गई शादी 11 महीने में ही इस मोड़ पर लाकर खड़ा करेगी, कभी सोचा भी न था।
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पति से अब भी बेपनाह मुहब्बत है, तलाक नहीं चाहती। शादी-शुदा मोहब्बत है तो करवाचौथ की परंपरा निभानी ही होगी। दिल से व्रत रखा है। मुकदमे का फैसला क्या होगा, पता नहीं। तलाक मिलेगी या कुछ, कह नहीं सकते। लेकिन तलाक चाहने वाले पति की भी सलामती चाहिए।
फिलहाल वह एक स्कूल में पढ़ाकर अपना जीवन चला रही है। अदालत ने इस मामले में 7 नवंबर को अगली पेशी की तिथि दी है।