इसके अलावा घरेलू हिंसा का वाद भी शौहर और ससुराल पक्ष के खिलाफ दर्ज कराया था। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि शौहर लगातार मुकदमा वापस न लेने पर तलाक देने की धमकी दे रहा था।
आरोप लगाया कि 23 अगस्त को शौहर ने व्हाट्सएप और नोटिस के माध्यम से तीन बार तलाक लिखकर भेज दिया। पीड़िता ने प्रार्थना पत्र में व्हाट्सएप का स्क्रीन शॉट और नोटिस की प्रति भी पुलिस को उपलब्ध कराई है।
बसंत विहार थाना प्रभारी हेमंत खंडूडी ने बताया कि तहरीर के आधार पर शौहर फरमान के खिलाफ मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम 2019) के तहत मुकदमा दर्ज कर साक्ष्याें का संकलन किया जा रहा है।