शाइस्ता ने इसकी जानकारी परिजनों को दी थी। इसके बाद भी ससुराल वाले दहेज मांगते रहे तो शाइस्ता के परिजनों ने एक लाख रुपये दे दिए थे, लेकिन वे दो लाख और कार मांगते रहे। आरोप था कि इसी बीच ससुराल वालों ने बंधक बनाकर शाइस्ता को जान से मारने की कोशिश की थी, जिससे उसका गर्भपात हो गया था।
आरोप था कि इसी साल 25 मार्च को ससुराल वालों ने मारपीट कर घर से निकाल दिया था, तभी से शाइस्ता मायके में ही रह रही थी। 11 सितंबर को पति शादाब ने मोबाइल पर कॉल कर तीन बार तलाक बोलकर रिश्ता तोड़ लिया था।
पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने पति शादाब के खिलाफ तीन तलाक, दहेज उत्पीड़न और मारपीट का केस दर्ज कर लिया था। जबकि सत्तार, फरीदा, शहजाद, दिलशाद, नौशाद और शाईन के खिलाफ मारपीट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था। कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि महिला के पति शादाब को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।