इससे पहले रवि और आरती की शादी भी विवादों के बीच हुई थी। आरोप था कि रवि ने आरती को प्रेम जाल में फंसाया। बाद में रवि शादी से मुकरने लगा। मामला पुलिस तक पहुंचा तो वह शादी के लिए राजी हुआ। शादी के तुरंत बाद ही पति और अन्य आरोपी ससुराली आरती का उत्पीड़न करने लगे थे। अंतत: उन्होंने गर्भवती आरती की हत्या कर दी।
इस मामले की जांच के बाद बैजनाथ पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट अदालत में पेश की। सुनवाई में अभियोजन पक्ष ने 18 गवाह पेश किए। लैब परीक्षण में भी जहर की पुष्टि हुई।
आखिरकार दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों के अवलोकन के बाद जिला सत्र न्यायाधीश ने उत्पीड़न और हत्या में सभी आरोपियों को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
साथ ही आरोपियों पर 1.70 लाख रुपये का जुर्माना भी ठोका। चारों आरोपियों को अदालत के आदेश पर जेल भेज दिया गया है। डीजीसी अधिवक्ता आबिद हसन और एडीसी चंचल पपोला ने पैरवी की। विवेचना सीओ महेश जोशी और सीओ वीर सिंह ने की।