फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड: शिकारी लखपत ने नरभक्षी तेंदुए को किया ढेर, फॉरेंसिक लैब में होगी बिसरे की जांच

Sun, 17 Jun 2018 09:26 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, गरुड़ (बागेश्वर)
विज्ञापन
leopard
विज्ञापन

शिकारी लखपत सिंह ने हरिनगरी के मासूम दीपक को निवाला बनाने वाले नरभक्षी तेंदुए को शनिवार देर रात गोली मारकर ढेर कर दिया है। शिकारी और वन विभाग की टीम ने आगमखोर नर तेंदुए के शव को बरामद कर लिया है। वन विभाग ने रेंज मुख्यालय वज्यूला में पशु चिकित्सकों से पोस्टमार्टम के बाद तेंदुए के बिसरे को जांच के लिए सुरक्षित रख लिया है।  जिसे परीक्षण के लिए वन फारेंसिक लैब देहरादून को भेजा जाएगा।बता दें कि 11 जून की रात तेंदुआ हरिनगरी (गरुड़) निवासी दीवान राम के बेटे दीपक (8) को घर के अंदर से उठाकर ले गया था। 12 जून को उसका शव गांव से सटे जंगल में बरामद हुआ था। इसके बाद ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए तेंदुए को नरभक्षी घोषित कर दिया गया था।

विज्ञापन


लखपत ने 16 जून की रात भी मारी थी तेंदुए को गोली

शिकारी लखपत ने पहले 16 जून की रात नौ बजे आदमखोर तेंदुए को गोली मारी थी। गोली लगने के बाद तेंदुआ भाग गया था। रविवार सुबह उसका शव वन विभाग की टीम ने बरामद किया। तेंदुए का पोस्टमार्टम पशु चिकित्साधिकारी पीके पाठक और पशु चिकित्साधिकारी सचल दल ज्योति, फार्मेसिस्ट दुर्गा प्रसाद ने किया। वन विभाग ने  बिसरा सुरक्षित रख लिया है। पोस्टमार्टम के बाद तेंदुए को वन विभाग ने तेंदुए को जला दिया है। डीएफओ आरके सिंह ने बताया कि शिकारी द्वारा मारे गए नर तेंदुए की उम्र ढाई साल थी और यह साढ़े चार फीट लंबा था।

लखपत द्वारा मारा गया तेंदुआ नरमक्षी था ?
लोगों को अभी भी इस बात पर विश्वास नहीं हो रहा है कि मारा गया तेंदुआ ही आदमखोर था। हालांकि, डीएफओ आरके सिंह, वन रेंजर कार्य योजनावृत्त श्याम सिंह करायत, डिप्टी रेंजर प्रयाग दत भट्ट, वन रेंजर वज्यूला आरएस रमोला का दावा है कि शिकारी द्वारा मारा गया तेंदुआ ही आदमखोर था। वहीं, हरिनगरी के प्रधान लक्ष्मण राम, कनिष्ठ प्रमुख प्रकाश कोहली का कहना है कि मारा गया तेंदुआ ही नरभक्षी था या नहीं यह वक्त ही बतायाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें