गौरीकुंड-केदारनाथ मार्ग पर यात्रियों से घोड़े-खच्चर और डंडी-कंडी का मनमाना किराया वसूलने पर मानवाधिकार आयोग ने रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन से वस्तुस्थिति की जानकारी मांगी है। तय तिथि पर उपस्थित नहीं होने पर आयोग ने इसके लिए एक महीने का अतिरिक्त समय दिया है।
अमर उजाला ने पांच मई के अंक में ‘भक्तों से वसूल रहे मनमाना किराया’ शीर्षक से यात्रियों की इस समस्या को प्रमुखता से उठाया था। बताया गया कि केदार दर्शन को गौरीकुंड से घोड़े-खच्चर और डंडी-कंडी का सहारा लेने वाले श्रद्धालुओं से किस तरह महंगा किराया वसूला जा रहा है।
अमर उजाला में प्रकाशित खबर पर उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग ने रुद्रप्रयाग के डीएम को इस बारे में 11 मई तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए थे।
लेकिन तय तिथि तक न तो डीएम के कोई प्रतिनिधि आयोग में हाजिर हुए और न इस बारे में रिपोर्ट प्रस्तुत की। आयोग के अध्यक्ष जस्टिज जगदीश भल्ला और सदस्य डॉ. हेमलता ढौंढियाल ने मामले की सुनवाई की।
आयोग ने माना कि न्याय की भावना को देखते हुए रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन को जवाब प्रस्तुत करने के लिए एक महीने का अतिरिक्त समय दिया जाना चाहिए।