‘हम दिल दे चुके सनम’ के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुके मशहूर सिनेमेटोग्राफर अनिल मेहता को देवभूमि उत्तराखंड की यह जगह बेहद पसंद आई है।
अनिल मेहता ने अमर उजाला से कहा 'मैं, दिबाकर और यशराज फिल्म्स की आर्ट डायरेक्टर अपर्णा सूद अक्तूबर में यहां आए थे। टेक्निकल रेकी के बाद मुझे यह जगह एकदम आर्गेनिक लगी। कहानी के मुताबिक खूबसूरत झूला पुल यहां पर था ही और साथ ही एक दिन में कई रंग बदलता मौसम भी था। मैंने पहली बार यहीं देखा, गहरे गुलाबी मकान और हर उम्र के इंसान। अब ये ही इसकी पहचान बनेंगे।
‘हम दिल दे चुके सनम’ के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुके मशहूर सिनेमेटोग्राफर अनिल मेहता ने कुछ इस अंदाज में झूलाघाट और पिथौरागढ़ को बयां किया। अनिल अब तक इंडस्ट्री के लगभग सभी फिल्मकारों के साथ काम कर चुके हैं। उनके कैमरे का जादू अब तक ‘लगान’, ‘साथिया’, ‘कल हो न हो’, ‘वीर-जारा’, ‘कभी अलविदा न कहना’, ‘रॉकस्टार’ और इस साल आई आमिर खान की ‘सीक्रेट सुपरस्टार’ में भी दिख चुका है। ऊर्जा से लबरेज और चेहरे पर मंद मुस्कान लिए मेहता झूलाघाट को यशराज और दिबाकर बनर्जी प्रोडक्शन की नई खोज मानते हैं।