सोमवार को सोमवती अमावस्या पर स्नान का संयोग श्रद्धालुओं ही नहीं बल्कि रेलवे और रोडवेज के लिए भी शुभ साबित हुआ। सोमवती अमावस्या पर यात्रियों की भीड़ से ट्रेनें और बसें खचाखच भरकर निकलीं। उत्तराखंड की ही नहीं दूसरे प्रदेशों के निगम ने भी खूब कमाई।
मेले में गंगा स्नान के लिए हजारों यात्री ट्रेनों से पहुंचे। वहीं अनेक राज्यों से रोडवेज की बसों से भी यात्री पहुंचे। स्नान करने के बाद यात्री ट्रेन और बसों से अपने प्रदेशों के लिए रवाना हुए। जम्मू कश्मीर रोडवेज की रुटीन की छह बसों के अलावा अन्य 16 बसें यात्रियों को लेकर पहुंची। हरियाणा और राजस्थान और हिमाचल की 70-70 से अधिक बसों से यात्रियों ने आवागमन हुआ। यूपी और उत्तराखंड की सैकड़ों बसें यात्रियों को ढोती रहीं।
वहीं ऋषिकेश, बरेली, दिल्ली और अंबाला के मध्य संचालित होने वाली ट्रेनें भी खचाखच भरकर गई। रेलवे मेला अधिकारी वाईके त्रिपाठी ने बताया कि मेले में यात्रियों की भीड़ ठीक ठाक आई थी। स्पेशल ट्रेनों के अलावा अन्य रूटीन ट्रेनों से भी यात्री गंतव्य को रवाना हुए।
रोडवेज से बैरागी कैंप से हरकी पैड़ी गए यात्री
मेला प्रशासन की ओर से रोडवेज बसों और निजी वाहनों की पार्किंग बैरागी कैंप में बनाने के बाद श्रद्धालुओं को हरकी पैड़ी तक पहुंचाने के लिए रोडवेज की ओर से लगाई गई बस का यात्रियों ने खूब लाभ उठाया। रोडवेज की ओर से बैरागी कैंप से दीनदयाल उपाध्याय पार्किंग तक दस रुपये का टिकट तय किया गया था। इस सेवा का यात्रियों ने भी सराहना की।
बैटरी रिक्शा चालकों ने काटी चांदी
स्नान करने के बाद बैरागी कैंप पहुंचने वाले यात्रियों को लाने के लिए बैटरी रिक्शा चालकों ने खूब चांदी काटी। एक रिक्शा में नौ-नौ यात्री ढोए गए। शंकराचार्य चौक से बैरागी कैंप तक प्रति सवारी दस रुपये तक वसूले गए।