गृहकर की वसूली का लक्ष्य पूरा न होने के बाद नगर निगम अब कर न देने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है।
कर अनुभाग के सभी 19 निरीक्षकों को एक सप्ताह के भीतर अपने-अपने क्षेत्र में दस-दस बड़े बकायेदारों की सूची तैयार करने के लिए कहा गया है। ये वे बकायेदार होंगे, जिनके गृहकर का आकलन (असेसमेंट) किया जा चुका है, लेकिन मकान मालिक कर जमा नहीं कर रहे हैं।
सूची बनते ही संबंधित लोगों को 15 दिन का समय देकर ‘डिमांड नोटिस’ भेजा जाएगा। इस अवधि में कर राशि जमा न किए जाने पर नगर निगम कानून के तहत कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।
यह था लक्ष्य
नगर निगम को 31 जनवरी तक छह करोड़ रुपये की गृहकर वसूली करनी है। अब तक 41 प्रतिशत ही लक्ष्य पूरा हो सका है। अपर मुख्य नगर अधिकारी का कहना है कि हर हाल में 31 जनवरी तक लक्ष्य पूरा करना होगा।
...तो निरीक्षकों पर होगी कार्रवाई
गृहकर वसूली में निगम के पिछड़ने की एक वजह कर निरीक्षकों की सुस्ती भी रही है। अब अपर मुख्य नगर अधिकारी की सख्ती के बाद निरीक्षकों को 15 दिन में तेजी से काम पूरा करना होगा। निरीक्षकों को आवासीय भवनों के अलावा अपने-अपने क्षेत्र की सरकारी और गैर सरकारी प्रतिष्ठानों की भी सूची तैयार करनी होगी।
किस आवासीय भवन पर गृहकर की क्या दर लागू होगी, यह भी निरीक्षक को स्पष्ट करना होगा। अपर मुख्य नगर अधिकारी ने स्पष्ट कहा है कि जो निरीक्षक ऐसा नहीं कर सकेगा, उसकी चरित्र पंजिका पर प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी।
कुछ जगह दोबारा जारी होगी दर
राजधानी में एक जैसे क्षेत्रों में अलग-अलग कर आकलन से भवन स्वामियों में असंतोष पनप रहा है। कई वार्डों से इसकी शिकायत मेयर विनोद चमोली से की जा चुकी है। माजरा के वार्ड 46 में तो आक्रोशित लोगों ने नगर निगम की टीम को लौटा ही दिया था। अब मेयर ने ऐसे मामलों की जांच मुख्य नगर अधिकारी हरक सिंह रावत को सौंप दी है।
कुछ हद तक कर्मचारियों की लापरवाही और इच्छाशक्ति के अभाव से लक्ष्य पूरा नहीं किया जा सका है। अब तय किया है कि 31 जनवरी तक सभी 19 कर निरीक्षक अपने क्षेत्रों में कर वसूली की कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। कई लोग बार-बार जानकारी देने के बावजूद गृहकर जमा नहीं कर रहे हैं। अब भी कर नहीं दिया गया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम कानून में मुख्य नगर अधिकारी को कुर्की आदेश देने का अधिकार है। जिन वार्डों से शिकायतें मिल रही हैं, वहां जांच चल रही है। जरूरत हुई तो दोबारा कर आकलन कर नई दर घोषित की जाएगी।
- कुश्म चौहान, अपर मुख्य नगर अधिकारी
कनेक्शन कराओ वरना पानी भूल जाओ
अगर आपका पेयजल संयोजन (कनेक्शन) नियमित नहीं है तो जल्द करा लें। नहीं कराया तो 31 मार्च के बाद घर के नल सूख जाएंगे। जल संस्थान के मुख्य महाप्रबंधक एसके गुप्ता ने इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। अवैध कनेक्शनों को नियमित करने या संबंधित घरों में पेयजल आपूर्ति बंद करने के लिए कहा गया है।
बुधवार को जल संस्थान मुख्यालय में मुख्य महाप्रबंधक बनने के बाद गुप्ता ने अधिकारियों संग पहली बैठक की। उन्होंने आपदाग्रस्त क्षेत्रों में बंद पड़ी सौ पेयजल योजनाओं को जल्द चालू करने का निर्देश दिया। कहा कि जिन योजनाओं के लिए अधिक बजट चाहिए या जहां पेयजल स्रोत ही सूख चुके हैं, उन्हें छोड़ बाकी पर जल्द काम किया जाए।
31 मार्च तक कम से कम 80 योजनाएं चालू करने के लिए कहा। विश्व बैंक से मिली निधि (फंड) से चल रहे कार्यों में 90 प्रतिशत तक भौतिक और 80 प्रतिशत तक वित्तीय प्रगति के लिए कहा गया। स्वैप मोड में बनने वाली पेयजल योजनाओं को जल्द से जल्द ग्रामीणों को सौप दिया जाए।
गुप्ता ने बताया कि इन सभी कार्यो के लिए 31 मार्च तक का टारगेट दिया गया है। गुप्ता ने बताया कि बुधवार को चमोली, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, कोटद्वार, टिहरी, देवप्रयाग और उत्तरकाशी से आए अधिकारियों की बैठक ली गई। बताया कि जल्द ही पिथौरागढ़ में बैठक की जाएगी। बैठक में पीसी किमोठी, एलके अदलखा आदि उपस्थित रहे।