एनजीटी की सख्ती के बाद जल संस्थान की अनुरक्षण इकाई (गंगा) ने ऐसे आश्रमों, होटलों और धर्मशालाओं पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया जो अपने यहां की गंदगी को गंगा में प्रवाहित कर रहे हैं। इनमें से कई ने सीवर के अवैध कनेक्शन कर रखे हैं। ऐसे 204 होटल, धर्मशाला, आश्रमों को नोटिस जारी किए गए हैं।
गंगा को प्रदूषित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए एनजीटी ने जल संस्थान को सख्त निर्देश दिए हुए हैं। एनजीटी के निर्देशों का पालन के लिए जल संस्थान की अनुरक्षण इकाई (गंगा) इन दिनों हरकत में है। सीवर का कनेक्शन नहीं लेने वाले होटलों, आश्रमों और धर्मशालाओं को चिह्नित किया जा रहा है।
इसी अभियान के तहत अवैध सीवर कनेक्शन भी पकड़ में आए। जांच में 14 होटलों के सेफ्टी टैंक पाए गए हैं लेकिन उनके भरने पर कहां खाली किया जाता है यह जवाब होटल मालिक नहीं दे पाए।
इससे आशंका जताई जा रही है कि यह होटल मालिक अपने यहां की गंदगी को गंगा में प्रभावित करते होंगे। जांच में यह भी सामने आया है कि कई संत-महात्माओं ने सीवर के अवैध कनेक्शन कर रखे हैं। ऐसे सभी होटल, आश्रम और धर्मशालाओं को नोटिस दिए गए हैं।
अनुरक्षण इकाई के अधिशासी अभियंता अजय कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी, उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर निगम को भी सूची के साथ इसकी जानकारी दे दी गई है। कोई भी होटल, धर्मशाला व आश्रम प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से गंगाजी को प्रदूषित करता है तो उसके विरुद्घ कठोर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
जिन होटलों, धर्मशालाओं व आश्रमों को अवैध सीवर कनेक्शन को रेगुलर करने का नोटिस दिया गया है। उन्हें एक महीने का समय दिया गया है। इस अवधि में कनेक्शन रेगुलर नहीं कराने वालों के विरुद्घ एनजीटी के आदेश के अनुसार जुर्माना सहित अन्य कठोर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
बनाई ग्रेवटी लाइन
अनुरक्षण इकाई (गंगा) के अधिशासी अभियंता अजय कुमार ने बताया कि जगजीतपुर स्थिति सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के पास ही ग्रेवटी लाइन बना दी गई है। जिन भवन स्वामियों, होटल, धर्मशाला, आश्रमों, अपार्टमेंट और भवन स्वामियों के सेफ्टी टैंक हैं वे उन्हें नालों में खाली न कर जगजीतपुर भेजकर उनकी लाइन में खाली कराएं।
उन्होंने बताया कि हरकी पैड़ी क्षेत्र के बाजारों, होटल, ढाबों पर अत्यधिक पानी का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे भी गंगाजी में प्रदूषण बढ़ रहा है इसको नियंत्रित किया जाना है।
गंगा में सीवर बहाने के विरुद्ध प्रदर्शन
राष्ट्रीय सावक मंच के कार्यकर्ताओं ने नालों के माध्यम से सीवर सीधे गंगा में बहाने के विरुद्घ ललतारौ में प्रदर्शन किया। आरोप है कि बिजली नहीं होने पर सीवरेज पंपिंग स्टेशन से भी सीवर को गंगा में बाईपास कर दिया जाता है। इसका प्रमाण यह कि जून से इस पंपिंग स्टेशन को चलाने के लिए डीजल नहीं मंगाया गया है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के बड़े-बड़े दावे कर रही हैं, परंतु हरिद्वार में खुलेआम सीवर की नदी गंगा में बहाई जा रही है। संयोजक चंद्रमोहन कौशिक ने कहा कि 14 जनवरी को अर्द्धकुंभ का पहला स्नान प्रदूषित गंगा में होगा।
प्रदर्शन करने वालों में जिलाध्यक्ष कीर्तिकांत त्रिपाठी, सचिव जितेंद्र यादव, उपाध्यक्ष अरुण राघव, उमाशंकर पांडेय, राजू बक्शी, रवि दीवान, अशोक चौहान, असीम जोशी, पीएस चौहान, रोहित शुक्ला, कुणाल गिरि, शिवम कौशिक, गोपाल गोस्वामी आदि ने भाग लिया।