नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की ओर से दिए गए निर्देशों का पालन कराने के लिए हरिद्वार प्रशासन ने अब होटल संचालकों के खिलाफ भी सख्ती बरतनी शुरू कर दी है।
हरिद्वार के जिलाधिकारी एचसी सेमवाल ने चेतावनी दी है कि तीन सप्ताह के भीतर जो भी होटल संचालक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में अपना रजिस्ट्रेशन नहीं कराएगा तो उसका सराय एक्ट के तहत किया गया पंजीकरण भी स्वयं निरस्त माना जाएगा। उन्होंने इस संबंध में नगर निगम और पर्यटन विभग को भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
एनजीटी की ओर से प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रभावी निर्देश दिए गए हैं। हरिद्वार में 40 माइक्रोन से ज्यादा की पॉलीथिन की ब्रिक्री पर भी रोक लगाई गई है। इस संबंध में एनजीटी के बढ़ते दबावों को देखते हुए जिला प्रशासन ने अब सख्ती से एनजीटी के मानकों का पालन कराना शुरू कर दिया है।