गर्मी जानलेवा बन गई है। झुलसाती धूप, तपिश राजस्थान जैसा अहसास करा रही है। गरम हवाओं से आम आदमी हलकान है, उसका घर से निकलना तक दूभर हो गया है।
राजधानी में शुक्रवार को सीजन का सबसे गर्म दिन रिकार्ड किया गया। पारे की सुई लगभग दो डिग्री की उछाल के साथ 40 के पार जाकर ठहरी।
शनिवार को अधिकतम तापमान के 41 डिग्री सेल्सियस पार कर जाने की आशंका है। न्यूनतम तापमान में भी उछाल का सिलसिला कायम है। शुक्रवार को इसका माप 25 डिग्री सेल्सियस से भी अधिक दर्ज किया गया।
गर्मी का आलम यह है कि धूप की जलन से बचने की जुगत खोजते रहे। बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। शुक्रवार को राजधानी में आर्द्रता का अधिकतम प्रतिशत 51, जबकि न्यूनतम प्रतिशत 18 दर्ज किया गया।
कुछ यूं चढ़ा दिन में पारे का मीटर
सुबह 8.30 बजे-32.3
सुबह 11.30 बजे-36.4
दोपहर 2.30 बजे-39.4
शाम 5.30 बजे-39.5
(सभी आंकड़े सेल्सियस में)
पहाड़ पर राहत संभव
दून के लगातार बढ़ रहे पारे के बीच राज्य मौसम केंद्र ने उत्तराखंड में मौसम सूखा रहने की संभावना जताई है। केवल उत्तरकाशी, चमोली, रूद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ में गरजन वाले बादल विकसित होने की संभावना है। लिहाजा, यहां गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। अन्य स्थानों पर मौसम चुभाने, जलाने वाला ही रहने वाला है।
इस सदी में छह बार 40 से पार पारा
2003-40.1
2005-41.0
2007-40.3
2009-41.9
2010-41.2
2012-42.1
अब तक का रिकार्ड है 43.9 डिग्री का
अब तक जून में पारे का रिकार्ड 43.9 डिग्री सेल्सियस का है। यह 112 साल पहले 1902 में रिकार्ड किया गया था। तकरीबन 19 साल पहले सन् 1995 में पारे ने 43.7 डिग्री तक की उछाल भरी थी।
खान-पान से दें गर्मी को मात
-घर से निकलने से पहले पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
-नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी का सेवन करें।
-तरबूज, खरबूजा, आम, संतरे का प्रयोग करें।
-तले-भुने के सेवन से बचें, खीरे का सलाद खाएं।
-उबली सब्जियों का प्रयोग होगा फायदेमंद।
-कमजोरी लगे तो ग्लूकोज पानी का प्रयोग करें।