बाल विवाह तथा मानव तस्करी को रोकने को ठोस प्रयास
उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार की महिला कल्याणकारी सभी योजनाओं की सख्त मॉनिटरिंग के भी निर्देश दिए। उन्होंने एक कार्यशाला कर सभी जिलाधिकारियों से राज्य में महिलाओं का कार्यबल बढ़ाने तथा उन्हें कार्यस्थलों पर सुरक्षित वातावरण प्रदान करने को सुझाव मांगे। घरेलू हिंसा के मामलों में महिलाओं की शिकायतों को काउंसिलिंग तक सीमित न रखकर शारीरिक हिंसा के गंभीर मामलों को आईपीसी के तहत एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश दिए।
कहा कि राज्य में बाल विवाह तथा मानव तस्करी को रोकने को ठोस प्रयास किए जाएं। वन स्टॉप सेंटर को पुलिस विभाग सहित अन्य विभिन्न विभागों से जोड़ना जरूरी है। इसके साथ ही सभी महिला हेल्पलाइनों 181, 112, 1905 को जोड़ने पर भी विचार किया गया।
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अपर मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य सरकार प्रदेश कार्यरत महिलाओं के लिए सुरक्षित कार्यस्थल सुनिश्चित करने तथा महिला कार्यबल को बढ़ाने के लिए मिशन मोड पर काम कर रही है। वन स्टॉप सॉल्यूशन ऐप पर काम चल रहा है, जिसे जल्द ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लांच करेंगे। प्रशासन और पुलिस महिलाओं के खिलाफ होने वाले साइबर क्राइम और आईटी अपराधों से बचाव को भी मैकेनिज्म तैयार करने पर काम चल रहा है। बैठक में सचिव शैलेश बगोली, अपर सचिव सी रविशंकर, रिद्धिम अग्रवाल सहित अधिकारी मौजूद रहे।