500 वर्गमीटर वाले अस्पतालों को फायर सर्विस देता है एनओसी
अस्पतालों में अग्निकांड से बचाव के उपकरण और पर्याप्त साधन होने आवश्यक हैं। संबंधित विकास प्राधिकरण नक्शा भी इसी शर्त पर पास करता है। लेकिन, 500 वर्गमीटर से ज्यादा कवर्ड एरिया और 15 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले अस्पतालों के भवन को शुरू करने से पहले फायर सर्विस से एनओसी लेना आवश्यक है। इससे छोटे अस्पतालों को प्राधिकरण की ओर से ही सर्टिफिकेट दिया जाता है। हालांकि, फायर सर्विस विभाग को सूचना इन अस्पतालों को भी देनी होती है।
कर्मचारियों को किया जा रहा है प्रशिक्षित
बता दें कि पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के बागपत में एक अस्पताल में आग लगी थी। आग के बाद पता चला कि यहां पर आग बुझाने के उपकरण तो मौजूद थे, लेकिन किसी भी कर्मचारी को इन्हें चलाना नहीं आता था। ऐसे में गत 27 अप्रैल से ही फायर सर्विस की ओर से प्रदेश के सभी अस्पतालों में अभियान चलाकर कर्मचारियों को उपकरण चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही है। पिछले दिनों वनाग्नि की घटनाओं के बढ़ने के कारण इस अभियान की गति धीमी हुई थी, लेकिन अब फिर से इसे तेज करने के आदेश फायर सर्विस विभाग की ओर से दिए गए हैं।
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फायर सर्विस की ओर से 27 अप्रैल से अभियान चलाया जा रहा है। बड़े अस्पतालों में एनओसी की जांच की जा रही है। साथ ही यहां पर कर्मचारियों को अग्निशामक यंत्रों को चलाने का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। अग्निकांड होने पर किस तरह से लोगों को बचाया जा सकता है, हर बारीकी को कर्मचारियों और प्रबंधन को जानकारी दी जा रही है। अभियान की शुरुआत में कुल 67 बड़े अस्पताल ऐसे थे जिनके पास एनओसी नहीं थी। इन्हें एनओसी प्राप्त करने के लिए कहा जा रहा है। निश्चित समयावधि में एनओसी न लेने पर अग्रिम कार्रवाई भी फायर सर्विस विभाग की ओर से की जाएगी।
- निवेदिता कुकरेती, डीआईजी फायर सर्विस