कैंट बोर्ड में तकरीबन दस साल से मृतक आश्रितों की नियुक्ति नहीं हुई थी। जिस वजह से मृतक आश्रित परेशानी में थे। खासकर उनके परिवार को आर्थिक परेशानियों से जूझना पड़ रहा था।
देहरादून कैंट बोर्ड में नियुक्ति का इंतजार कर रहे मृतक आश्रितों की मुराद पूरी हो गई है। कैंट बोर्ड ने 12 मृतक आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति दे दी गई है। दस साल के लंबे इंतजार के बाद उन्हें समूह ग व घ के पदों पर यह नियुक्तियां की गई हैं।
विज्ञापन
मुख्य अधिशासी अधिकारी अभिनव सिंह ने बताया कि कैंट बोर्ड में तकरीबन दस साल से मृतक आश्रितों की नियुक्ति नहीं हुई थी। जिस वजह से मृतक आश्रित परेशानी में थे। खासकर उनके परिवार को आर्थिक परेशानियों से जूझना पड़ रहा था। इस सबको देखते हुए इस विषय को प्राथमिकता में लिया गया। तीन सदस्य एक समिति बनाई गई।
रक्षा मंत्रालय की 2013 की नीति के अंतर्गत क्लर्क, सफाई कर्मी सहित अन्य पदों पर 12 मृतक आश्रितों को नियुक्ति दी गई है। उनका कहना है कि यह प्रक्रिया अब शुरू हुई है, तो आगे भी चलती रहेगी।
विज्ञापन
परिवार की आर्थिक स्थिति, आय के साधन, छोटे बच्चों, अविवाहित लड़कियों आदि कई मानकों के आधार पर स्कोर निकाला गया और जरूरतमंदों को पहले नियुक्ति दी गई। अभी लगभग 20 और मृतक आश्रितों के प्रकरण लंबित हैं, जिनको आने वाले वर्षों में नियुक्ति दी जाएगी।